



जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर:- नेपाल में होने वाले आगामी चुनावों को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से नेपाल प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। सुरक्षा कारणों से भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा को 3 मार्च की सुबह से 6 मार्च की शाम तक पूरी तरह से सील रखने का निर्णय लिया गया है। यह आदेश 72 घंटे तक प्रभावी रहेगा। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सीमा सील करने का फैसला दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय से लिया गया है ताकि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, घुसपैठ या असामाजिक तत्वों की आवाजाही पर रोक लगाई जा सके।
वाल्मीकिनगर सहित सभी प्रमुख चौकियों पर सख्ती
सीमा सीलिंग के दौरान वाल्मीकिनगर समेत अन्य सभी प्रमुख सीमा चौकियों पर आम लोगों और वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। सीमा क्षेत्र को नो-एंट्री ज़ोन घोषित कर दिया जाएगा। सशस्त्र सीमा बल और स्थानीय पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सीमा क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है। आने-जाने वाले हर व्यक्ति और वाहन की सघन जांच की जाएगी। प्रशासन का स्पष्ट निर्देश है कि बिना वैध और आपात कारण के किसी को भी सीमा पार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
केवल आपात सेवाओं को मिलेगी अनुमति
त्रिवेणी चौकी इंचार्ज डम्मर ओली ने बताया कि सीलिंग अवधि के दौरान केवल एम्बुलेंस और विशेष आपातकालीन सेवाओं को ही कड़ी जांच के बाद सीमा पार करने की अनुमति दी जाएगी। मरीजों, चिकित्सकीय आपात स्थिति या अन्य अत्यावश्यक सेवाओं के मामलों में मानवीय आधार पर निर्णय लिया जाएगा, लेकिन सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।
स्थानीय प्रशासन ने सीमा क्षेत्र के निवासियों से सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि यह कदम अस्थायी है और चुनाव की शुचिता तथा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर
सीमा सीलिंग के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। खुफिया एजेंसियों को भी अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश को सख्ती से नाकाम किया जाएगा।
अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की अपील जिला प्रशासन ने आम जनता से शांति और सहयोग बनाए रखने की अपील की है। व्यापारियों, यात्रियों और दैनिक आवागमन करने वाले लोगों से कहा गया है कि वे 3 से 6 मार्च के बीच अपनी यात्रा की योजना न बनाएं। प्रशासन का कहना है कि चुनाव लोकतंत्र का महापर्व है और इसे निष्पक्ष व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से भारत-नेपाल सीमा को अस्थायी रूप से सील करने का निर्णय लिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। 72 घंटे की इस सख्ती के बाद सीमा पर सामान्य आवाजाही पुनः बहाल कर दी जाएगी।










