



जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर:- वाल्मीकिनगर में अवैध कब्जों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ा अभियान छेड़ दिया है। कस्टम विभाग सहित अन्य सरकारी जमीनों पर वर्षों से जमे अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। अधिकारियों के निर्देश पर अंचल स्तर से टीमों का गठन कर सरकारी भूमि की पहचान और सीमांकन का कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है। इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने वाले व्यक्तियों को पहले नोटिस जारी किया जाएगा। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर जमीन खाली नहीं की गई तो प्रशासन सख्त कदम उठाते हुए बुलडोजर से अतिक्रमण हटाएगा। अंचल कार्यालय की ओर से संबंधित क्षेत्रों में सरकारी जमीनों का चिन्हांकन शुरू कर दिया गया है। राजस्व कर्मियों द्वारा अभिलेखों की जांच कर वास्तविक स्थिति का मिलान किया जा रहा है। जिन भूखंडों पर अवैध निर्माण या कब्जे पाए जा रहे हैं, उनकी सूची तैयार की जा रही है। साथ ही अतिक्रमणकारियों की नामावली भी संकलित की जा रही है, ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई में किसी प्रकार की बाधा न हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीनों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विशेष रूप से कस्टम विभाग, जल संसाधन विभाग, सार्वजनिक उपयोग की भूमि, एवं अन्य विभागीय परिसंपत्तियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कई स्थानों पर वर्षों से अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं, जिन पर अब ठोस कार्रवाई की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, सूची तैयार होने के बाद संबंधित व्यक्तियों को व्यक्तिगत रूप से नोटिस थमाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, आवश्यकता पड़ने पर सार्वजनिक सूचना भी जारी की जाएगी, ताकि कोई भी व्यक्ति यह दावा न कर सके कि उसे जानकारी नहीं थी। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद प्रशासनिक टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेगी। अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे स्वेच्छा से सरकारी भूमि खाली कर दें और अनावश्यक कानूनी कार्रवाई से बचें। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि अतिक्रमण हटाने के दौरान हुए नुकसान के लिए संबंधित कब्जाधारी स्वयं जिम्मेदार होंगे। जिला प्रशासन का मानना है कि इस अभियान से न केवल सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि विकास योजनाओं को भी गति मिलेगी। कई परियोजनाएं अतिक्रमण के कारण वर्षों से लंबित पड़ी हैं। जमीन खाली होते ही सड़क, पर्यटन और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। वाल्मीकिनगर में शुरू हुआ यह अभियान आने वाले दिनों में और व्यापक रूप ले सकता है। प्रशासनिक सख्ती को देखते हुए अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा हुआ है, जबकि आम नागरिकों ने इस पहल का स्वागत किया है। अब देखना होगा कि प्रशासन की यह कार्रवाई किस हद तक क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कर पाती है।










