वाल्मीकिनगर में 36 लाख की नीलामी, अनुराधा कुमारी बनीं सबसे बड़ी बोलीदाता, कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच जीती बाजी।

0
23

Spread the love

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर:- जल संसाधन विभाग के मुख्य पश्चिमी नहर प्रमंडल द्वारा शुक्रवार को वाल्मीकिनगर कार्यालय परिसर में एक महत्वपूर्ण नीलामी प्रक्रिया संपन्न कराई गई। इस नीलामी में नेपाल के जीरो आरडी स्थित गोदाम में वर्षों से पड़े अनुपयोगी सामानों को बेचा गया। विभाग द्वारा पूर्व में जारी टेंडर के तहत 17 अप्रैल को बोली लगाने की तिथि तय की गई थी, जिसमें कुल 52 संवेदकों ने भाग लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा प्रस्तुत की।
सुबह 11 बजे से शुरू हुई इस नीलामी प्रक्रिया की निगरानी स्वयं कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर कुमार ने की। उनके दिशा-निर्देशन में पारदर्शी तरीके से बोली लगवाई गई। शुरुआत से ही बोली में तेजी देखी गई और संवेदकों के बीच ऊंची-ऊंची बोलियां लगती रहीं। अंततः बेतिया की अनुराधा कुमारी ने 36 लाख 700 रुपये की सबसे अधिक बोली लगाकर नीलामी अपने नाम कर ली। हर चरण में प्रतिस्पर्धा बढ़ती गई और अंतिम समय तक बोली का सिलसिला जारी रहा। उन्होंने कहा कि बोली की राशि अपेक्षाकृत अधिक है, लेकिन व्यापार में जोखिम और लाभ-हानि सामान्य बात है। उन्होंने नीलामी उपरांत निर्धारित नियमों के अनुसार कुल राशि का एक चौथाई हिस्सा तत्काल जमा कर दिया है।


नीलामी के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन की भी तैनाती की गई थी। कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर कुमार ने बताया कि बड़ी संख्या में संवेदकों और उनके समर्थकों की मौजूदगी को देखते हुए वाल्मीकिनगर थाना से पुलिस बल बुलाया गया था। पुलिस की सतर्कता के कारण पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।
विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सफल बोलीदाता को एक सप्ताह के भीतर शेष राशि जमा करनी होगी। निर्धारित समय सीमा के भीतर राशि जमा नहीं करने पर नीलामी स्वतः रद्द कर दी जाएगी और आगे की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि जल संसाधन विभाग के कई भवन और परिसंपत्तियां नेपाल क्षेत्र में स्थित हैं, जिनका संचालन बिहार सरकार द्वारा किया जाता है। अब जो भवन और सामान अनुपयोगी हो चुके हैं, उन्हें नीलाम कर विभाग संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे सरकार को राजस्व प्राप्त होने के साथ-साथ परिसंपत्तियों का प्रभावी प्रबंधन भी संभव हो सकेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here