वाल्मीकिनगर हवाई अड्डा के विस्तार की ओर बड़ा कदम, एसडीएम के नेतृत्व में भूमि निरीक्षण।

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जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर:- वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट के विस्तार और सौंदर्याकरण की दिशा में प्रशासन ने तेज़ी से कदम बढ़ाना शुरू कर दिया है। बगहा एसडीएम के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने एयरपोर्ट परिसर और आसपास की भूमि का विस्तृत निरीक्षण किया। विभागीय निर्देश के बाद अंचल की टीम ने हवाई अड्डे के चारों ओर उपलब्ध जमीन की प्रकृति, वर्तमान उपयोग और अभिलेखों की बारीकी से जांच की।
निरीक्षण के दौरान प्रस्तावित विस्तार योजना के तहत कुल 303 एकड़ भूमि पर एयरपोर्ट निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि इसमें से 73 एकड़ भूमि पहले से उपलब्ध है, जबकि शेष 229 एकड़ भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अपर समाहर्ता स्तर से भूमि चिह्नांकन का कार्य पूरा कर लिया गया है और शीघ्र ही अधिग्रहण की औपचारिकताएं भी पूरी कर ली जाएंगी।

एसडीएम ने संबंधित हल्का कर्मचारी से जमीन से जुड़ा विस्तृत प्रतिवेदन भी मांगा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एयरपोर्ट विस्तार के लिए आवश्यक सरकारी भूमि को विमानन विभाग को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। यदि आवश्यकता पड़ी तो विधिवत भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई भी की जाएगी, ताकि परियोजना में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आधारभूत संरचना के विकास के साथ ही एयरपोर्ट निर्माण और सौंदर्याकरण के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी चल रही है। रनवे विस्तार, आधुनिक टर्मिनल भवन, सुरक्षा व्यवस्था और यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट के फंक्शनल होने को क्षेत्र के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है। वर्तमान में स्थानीय लोगों को हवाई यात्रा के लिए पटना, दरभंगा गोरखपुर का रुख करना पड़ता है। एयरपोर्ट चालू होने के बाद यह परेशानी काफी हद तक दूर हो जाएगी और सीमावर्ती क्षेत्र को सीधी हवाई कनेक्टिविटी मिल सकेगी। पर्यटन के लिहाज से भी यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व पहले ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है। हवाई सुविधा उपलब्ध होने के बाद देश-विदेश के पर्यटक कम समय में यहां पहुंच सकेंगे, जिससे होटल, परिवहन, स्थानीय व्यापार और सेवा क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है। ऐतिहासिक दृष्टि से भी वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट का विशेष महत्व रहा है। गंडक बराज के शिलान्यास के समय तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और नेपाल के तत्कालीन नरेश महेंद्रवीर विक्रम शाहदेव समेत कई केंद्रीय व राज्य सरकार के मंत्रियों का यहां आगमन हुआ था। उसी दौरान इस एयरपोर्ट का निर्माण किया गया था, लेकिन बाद के वर्षों में यह कभी नियमित रूप से संचालित नहीं हो सका। अब प्रशासनिक स्तर पर इसे पूरी तरह फंक्शनल करने की कवायद तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट के विस्तार और सौंदर्याकरण के बाद वाल्मीकिनगर क्षेत्र पर्यटन, आवागमन और व्यावसायिक गतिविधियों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकता है।

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