असमय बिछुड़ा गौतम, मौन रैली में उमड़ा वाल्मीकिनगर का दर्द, विद्यालय परिवार ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि।

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जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह,

बेतिया/वाल्मीकिनगर:- वाल्मीकिनगर स्थित नदी घाटी प्लस टू माध्यमिक विद्यालय के 11वीं कक्षा के 17 वर्षीय छात्र गौतम कुमार की सड़क दुर्घटना में इलाज के दौरान हुई मौत से पूरा क्षेत्र शोकाकुल है। विद्यालय परिवार ने अपने प्रिय छात्र को श्रद्धांजलि देने के लिए सोमवार को मौन रैली निकालकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। रैली में लगभग 400 छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षकगण और विद्यालय कर्मियों ने भाग लिया। बताया जाता है कि विगत गुरुवार की देर रात गौतम अपने एक मित्र की बहन की शादी से लौट रहा था। इसी दौरान बाइक अनियंत्रित होकर पेड़ से जोरदार टकरा गई। दुर्घटना में गौतम गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसका साथी महेंद्र मुखिया भी गंभीर रूप से जख्मी हो गया, जिसका इलाज अभी जारी है। गौतम का इलाज चल रहा था, लेकिन शुक्रवार की देर रात उसने दम तोड़ दिया। इस दुखद समाचार से पूरे वाल्मीकिनगर में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार की दोपहर विद्यालय के प्राचार्य राकेश कुमार राव के नेतृत्व में छात्रों ने “गौतम कुमार अमर रहे” लिखे बैनर के साथ मौन धारण कर श्रद्धांजलि रैली निकाली।

विद्यालय प्रांगण से शुरू हुई यह रैली गोल चौक, टंकी बाजार और गंडक बराज मार्ग से होते हुए पुनः विद्यालय परिसर में आकर समाप्त हुई। पूरे मार्ग में छात्र-छात्राएं शांतिपूर्वक चल रहे थे और वातावरण में गहरा सन्नाटा पसरा हुआ था। रैली के माध्यम से सभी ने गौतम की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। प्राचार्य राकेश कुमार राव ने कहा कि गौतम का असमय जाना विद्यालय परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। वह अत्यंत सरल, मिलनसार और अनुशासित छात्र था। विद्यालय के हर कार्यक्रम में वह अग्रणी भूमिका निभाता था। इस वर्ष वह 12वीं कक्षा में प्रवेश करता, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। उसकी मृत्यु से छात्र-छात्राओं सहित पूरा शिक्षक समुदाय गहरे आघात में है। गौतम अपने माता-पिता के दो पुत्रों में छोटा था। आगामी 20 अप्रैल को उसकी बहन ममता की शादी होने वाली थी। घर में जहां शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहीं अचानक आई इस त्रासदी ने पूरे परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया। बहन के हाथों में मेहंदी सजने से पहले ही भाई का यूं चले जाना परिवार के लिए असहनीय पीड़ा बन गया है। विद्यालय परिवार ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल दें। छात्रों ने भी संकल्प लिया कि वे गौतम की स्मृतियों को अपने हृदय में संजोए रखेंगे। यह मौन रैली केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि एक संवेदनशील संदेश भी थी सड़क सुरक्षा के प्रति सजग रहने और जीवन की अमूल्य महत्वता को समझने का। गौतम की यादें अब विद्यालय और वाल्मीकिनगर के लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहेगी।

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