



बेतिया/मझौलिया से राजू शर्मा की रिपोर्ट ।।
बेतिया/मझौलिया। मझौलिया पंचायत के मुखिया सत्य प्रकाश ने अंचलाधिकारी राजीव रंजन को आवेदन सौंपकर वर्षों से व्यवसाय कर रहे दुकानदारों को राहत देने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए स्थायी दुकानों को नहीं तोड़ने का आग्रह किया है। मुखिया ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि मझौलिया बाजार में पिछले 50 से 60 वर्षों से कई दुकानदार स्थायी रूप से दुकान लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। इन दुकानों पर करीब 100 से 200 परिवारों की रोजी-रोटी निर्भर है। ऐसे में यदि इन दुकानों पर बुलडोजर चलता है तो सैकड़ों लोगों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा और कई परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच सकते हैं। उन्होंने बताया कि मझौलिया प्रखंड में कुल 29 पंचायतें आती हैं और लगभग 25 से 30 किलोमीटर के दायरे से प्रतिदिन लोग खरीदारी व अन्य निजी कार्यों के लिए अंचल,ब्लॉक ,थाना,चिनी मिल ,रेलवे स्टेशन सहित बाजार पहुंचते हैं।

यह बाजार न केवल स्थानीय बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। मुखिया सत्य प्रकाश ने कहा कि बीते एक माह से वे स्वयं और व्यावसायिक संघ प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं। जाम की समस्या को कम करने के उद्देश्य से स्थायी दुकानदारों को मुख्य सड़क से हटाकर पंचायत भवन परिसर में शिफ्ट कराया गया है। कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें 30 से 40 फीट अंदर कर लिए हैं, जिससे सड़क पर अतिक्रमण कम हुआ है और यातायात व्यवस्था में सुधार देखने को मिला है। उन्होंने अंचलाधिकारी से मांग की है कि अस्थायी दुकानदारों के लिए एक स्पष्ट और समान नियमावली बनाई जाए, ताकि व्यवस्था भी बनी रहे और स्थायी दुकानदारों का रोजगार भी सुरक्षित रहे। साथ ही, जब तक मनरेगा बाजार पूरी तरह तैयार नहीं हो जाता, तब तक किसी भी स्थायी दुकान को न तोड़ा जाए। आवेदन की प्रतिलिपि उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन और थाना प्रभारी अमर कुमार को भी सौंप दी है। ताकि प्रशासन समन्वय स्थापित कर संतुलित और मानवीय समाधान निकाल सके।










