लापरवाह डाक्टर के कारण 09 माह के मासुम बच्चे की मौत।

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सुधीर कुमार सिंह जिला रिपोर्टर बांका

बिहार/बांका। बांका जिला के फुल्लीडुमर थाना क्षेत्र भितीया पंचायत अंतर्गत गेडाटीकर गांव के पिता रुपेश कुमार माता सोनी कुमारी के नोनीहाल मात्र 09 माह के बच्चे का शदर अस्पताल बांका में समुचित इलाज नहीं होने तथा शदर अस्पताल में दवाई के अभाव में बच्चे को दबाई का डोज नहीं मिल पाने के कारण मृत्यु हो जाने की बात बांका फूललीडुमर के मेडिकल टीम के द्वारा गेडाटीकर गांव पहुंच कर सारे दबाई के चिट्ठे को जांच करते हुए इस बात की पुष्टि की गयी ।

जानकारी हो की गेडाटीकर गांव के मासुम राजवीर कुमार उर्फ दिव्यांश के पिता रुपेश कुमार एवं दुखिया मां सोनी कुमारी से जानकारी लेने पर बताया गया कि राजवीर कुमार विहार चल रहा था जिसका इलाज झारखंड के देवघर के डाक्टर से 31 दिसंबर 2025 से चल रहा था इसी बिच 12 जनवरी सोमवार के दिन लगभग तीन बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फुल्लीडुमर में पदस्थापित ए एन एम निलम देवी अपने दो सहयोगियों के साथ गेडाटीकर गांव रुपेश कुमार के घर पर सरकारी नियमों को पालन करते हुए भेकसीन देने पहुंचे और बच्चे राजवीर को भेकसीन देने का प्रयास किया गया लेकीन माता पिता के मना करने की बच्चे बिहार है बुखार है। इसे वेक्सीन नहीं दिया जाय लेकीन ए एन एम निलम देवी द्वारा माता पिता को समझा बुझाकर की वेक्सीन देने से कुछ नहीं होगा गांव में ही कयी बच्चों को भी यही वेक्सीन अभी दिया गया है। ए एन एम के कहने पर बच्चें राजवीर को वेक्सीन दे दिया गया दुर्भाग्य बस बच्चे का हालत मंगलवार के दिन के करीबन दिन के 09 बजे से हालत बिगड़ने लगा राजवीर का हालत गंभीर देख माता पिता अपने बच्चे को लेकर शदर अस्पताल बांका पहुंचे अपने कार्य पर उपस्थित डॉक्टर के द्वारा बच्चे को देखा तो जरुर लेकीन बच्चे के गंभीर हालात को गंभीरता से नहीं लिया गया दुसरी बात की जो दबाई लिखा गया वह दबाई अस्पताल में उपलब्ध नहीं था लाचार बस माता पिता अपने बच्चों को लेकर बांका रेलवे जंक्शन रेलगाड़ी पकड़ने को लेकर चला गया रेलगाड़ी से देवघर चला गया वहां भी एक दो डाक्टर के चक्कर में फंसते चला गया और अंत में समुचित इलाज के अभाव में मासुम राजवीर ने अपने मां सोनी देवी के गोद में ही मृत्यु के गाल में समा गया रोते बिलखते परीजन अपना गांव गेडाटिकर गांव पहुंचे और बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फुल्लीडुमर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर संजीव कुमार सिंह को जानकारी दी गई की भेकसीन पिलाने से ही राजवीर कुमार का हालत गंभीर हो जाने से ही मृत्यु हो गया है इस बात को सुनते ही मेडिकल टीम में खलबली मच गयी इस बात की सच्चाई को जान कारी लेने बांका और फुल्लीडुमर के एक मेडिकल टीम गठीत करते हुए बुधवार को दिन के करीबन दस बजे के लगभग पहुंचे।

टीम मे जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डाक्टर सुनील कुमार चौधरी बांका , सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फुल्लीडुमर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर संजीव कुमार सिंह,एपीडोमोलोजीस्ट राजेश कुमार बांका ,आर आर टी डबलू एच ओ डाक्टर राजेश कुमार बांका , स्वास्थ्य प्रबंधक बिकास कुमार, बि सी एम् रोहीत कुमार ,एस एम सी सुशील कुमार सिंह बांका , वेक्सीन कोल्ड चैन प्रबंधक बांका अमीत कुमार सभी एक टीम गठित करते हुए गेडाटीकर गांव पहुंचे और माता पिता से इस घटना के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी लेले हुए रिपोर्ट तैयार करते हुए विभाग को देने का काम किया गया है इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फुल्लीडुमर के प्रभारी के साथ साथ उपस्थित टीम के लोगों के द्वारा यह बताया गया की वेक्सीन के पड़ने से बच्चे की मृत्यु संभव नहीं है क्यों गेडाटीकर गांव में और बच्चों को भी वेक्सीन देने का काम ए एन एम के द्वारा देने का काम किया गया है सभी बच्चे ठीक ठाक है मेडिकल टिम के द्वारा पुछने पर यह स्पष्ट तौर पर यह बताया गया की सदर अस्पताल बांका के डाक्टर के द्वारा गंभीरता से हालात को परखते हुए से समय समुचित इलाज कर देते और लंबाई का डोज अगर बच्चे कै दे दिया जाता तो परीजन को बच्चों को लेकर देवगन नहीं भागता टिन ने यह भी बताया की बच्चे पूर्व से ही निमुनिंया बिमारी से ग्रसीत था अगर समुचित इलाज सदर अस्पताल बांका में हो जाता तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।

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