वीटीआर में फिर हुआ ‘जंगल के राजा’ का दीदार, बंगाल टाइगर को देख रोमांचित हुए पर्यटक।

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बेतिया/वाल्मीकिनगर:- वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) एक बार फिर पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना, जब जंगल सफारी के दौरान रामनगर से आए पर्यटक नवीन कुमार और उनके परिवार को बंगाल टाइगर का दर्शन हुआ। जंगल के बीच अचानक दिखाई दिए इस दुर्लभ वन्यजीव को देखकर पर्यटक उत्साहित हो उठे। कुछ समय तक सभी की निगाहें बाघ पर टिकी रहीं और यह अनुभव उनके लिए अत्यंत स्मरणीय बन गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नवीन कुमार अपने परिवार के साथ वीटीआर की प्राकृतिक संपदा और वन्यजीवों को निकट से देखने के उद्देश्य से वाल्मीकिनगर पहुंचे थे। सफारी के दौरान उनका वाहन जंगल के एक मार्ग से गुजर रहा था, तभी उन्हें एक बंगाल टाइगर दिखाई दिया। बाघ के दर्शन होते ही वाहन में सवार पर्यटकों में उत्साह का माहौल बन गया। सभी ने अपने मोबाइल फोन और कैमरों के माध्यम से इस विशेष क्षण को कैद करने का प्रयास किया। जंगल कैंप पहुंचने के बाद भी पर्यटक इस अनुभव को लेकर उत्साहित नजर आए। उन्होंने बताया कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के बारे में काफी जानकारी प्राप्त की थी, लेकिन सफारी के दौरान बाघ का प्रत्यक्ष दर्शन होना उनके लिए एक विशेष और अविस्मरणीय अनुभव रहा। पर्यटकों ने कहा कि वीटीआर की यात्रा उनके लिए अत्यंत सुखद और यादगार साबित हुई।
सफारी के दौरान पर्यटकों को केवल बाघ ही नहीं, बल्कि हिरण, चीतल, तेंदुआ, मोर सहित कई अन्य वन्यजीवों के भी दर्शन हुए। इससे उनका वन भ्रमण और अधिक रोचक एवं यादगार बन गया। प्राकृतिक वातावरण तथा वन्यजीवों की सक्रिय उपस्थिति ने पर्यटकों को विशेष रूप से प्रभावित किया। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में वन्यजीव संरक्षण, वन प्रबंधन और प्राकृतिक आवासों के विकास की दिशा में किए गए प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। यही कारण है कि बाघों की गतिविधियां पहले की तुलना में अधिक दर्ज की जा रही हैं। वाल्मीकिनगर रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि वीटीआर में बाघों की संख्या में वृद्धि के संकेत लगातार प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान पर्यटन सत्र में यह आठवां अवसर है जब जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को बंगाल टाइगर का दर्शन हुआ है। उनके अनुसार, बाघों की बढ़ती मौजूदगी न केवल वन क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता को दर्शाती है, बल्कि इससे वाल्मीकि टाइगर रिजर्व की पहचान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुदृढ़ हो रही है। इसके परिणामस्वरूप क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

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