मानसून से पहले वाल्मीकिनगर में पर्यटकों का सैलाब, वीकेंड पर गुलजार हुई पर्यटन नगरी।

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गंडक बराज में नौकायन और वीटीआर की वादियों में प्रकृति का लिया भरपूर आनंद।

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर:- मानसून के आगमन से पहले पर्यटन नगरी वाल्मीकिनगर में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। सप्ताहांत पर सुहावने मौसम, हरियाली से आच्छादित पहाड़ियों और प्राकृतिक सौंदर्य ने हजारों सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित किया। वीकेंड के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। होटल, रेस्टोरेंट, स्थानीय बाजार, नौकायन व्यवसाय और पर्यटन से जुड़े कारोबारियों के चेहरे पर्यटकों की बढ़ती संख्या से खिल उठे। इन दिनों वाल्मीकिनगर का मौसम पर्यटकों के लिए किसी उपहार से कम नहीं है। ठंडी हवाओं, घने जंगलों और मनमोहक प्राकृतिक दृश्यों ने लोगों को गर्मी से राहत देने के साथ-साथ सुकून भरे पल भी प्रदान किए। विशेष रूप से वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) की वादियों में पहुंचे पर्यटकों ने जंगल की खूबसूरती और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को करीब से देखने का आनंद उठाया। जंगल की शांति और प्राकृतिक वातावरण ने शहरों की भागदौड़ से दूर आए लोगों को एक यादगार अनुभव दिया। गंडक बराज स्थित जलाशय में नौकायन पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा। सुबह से शाम तक बोटिंग के लिए पर्यटकों की लंबी कतारें लगी रहीं। शांत जलराशि के बीच नौका विहार करते हुए पर्यटक रोमांच और आनंद का अनुभव करते नजर आए। परिवारों के साथ पहुंचे बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। शाम के समय सनसेट पॉइंट पर भी पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ी। डूबते सूरज की लालिमा और आकाश में बिखरते रंगों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। पर्यटक इस खूबसूरत नजारे को अपने कैमरों और मोबाइल फोन में कैद करते नजर आए। वहीं जटाशंकर धाम मंदिर और वाल्मीकि आश्रम जैसे धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों की अच्छी-खासी भीड़ रही। इन दिनों वाल्मीकिनगर स्कूली बच्चों के शैक्षणिक भ्रमण का भी प्रमुख केंद्र बना हुआ है। विभिन्न जिलों से आए छात्र-छात्राएं वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण और स्थानीय इतिहास से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कर रहे हैं।

20 जून के बाद सफारी पर लग सकता है विराम

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के पर्यटन सत्र 2025-26 का अंतिम चरण चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 19 से 20 जून के बीच मानसून के प्रवेश की संभावना है। ऐसे में 20 जून के बाद जंगल सफारी पर लगभग चार महीने के लिए रोक लग सकती है। मौसम विभाग के पर्यवेक्षक पंकज कुमार के अनुसार पश्चिम चंपारण में अभी मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है। यही वजह है कि पर्यटक मानसून से पहले के अंतिम दिनों का भरपूर लाभ उठाने के लिए बड़ी संख्या में वाल्मीकिनगर का रुख कर रहे हैं।

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