

बांका से सुधीर कुमार सिंह की रिपोर्ट
बिहार/बांका, जिले के फुल्लीडुमर प्रखंड अंतर्गत खेसर तारापुर जलानी सड़क से शाखा सड़क घनुआ कुशवाहा गांव जाने बाली सड़क की लम्बाई एक किलोमीटर दो सो मीटर है । इस कच्ची सड़क का निर्माण 2008 ईस्वी में बेलहर विधानसभा के पूर्व स्वर्गीय विधायक जनार्दन मांझी के अनुशंसा पर मुख्यमंत्री ग्राम सड़क यूनियन योजना के तहत ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल बांका -1 के द्वारा बनवाया गया था उसके बाद से आज तक इस सड़क पर ना किसी जनप्रतिनिधि अन्ना विभाग के द्वारा कभी इसे बनवाया गया नतीजा यह हुआ इतने दिन के अंतराल में यह ग्रामीण सड़क कई जगह गड्ढों में तब्दील होकर जर्जर स्थिति में हो गया है लाचार बस ग्रामीणों को इस ग्रामिण सड़क को लेकर सामूहिक रूप से दर्जनों के संख्या में विरोध जताना पड़ा विरोध जताते हुए ग्रामीण राजद के वरिष्ठ नेता अमरेंद्र मंडल जदयू के नेता रविंद्र मंडल ग्रामीण वार्ड सदस्य मधुकर मंडल अमर कुमार मंडल महेंद्र कुमार मंडल श्याम मंडल सुरेश मंडल कुंदन मंडल अमरजीत कुमार मंडल अखिलेश कुमार मंडल सुरेश मंडल प्रीतम कुमार मंडल किशोर मंडल प्रमोद मंडल शहर मंडल इसके अलावे भी कई लोगों ने भी इस रोड की जर्जर स्थिति को देखकर विभाग के प्रति काफी नाराजगी व्यक्त किया है राजद नेता अमरेंद्र मंडल जदयू नेता रविंद्र मंडल ने बताया कि की 2008 ईस्वी में रोड बनने के बाद आज तक किसी जनप्रतिनिधि एवं संबंधित विभाग के आल्हा अधिकारियों के द्वारा इस रोड का सुधि लेने कोई नहीं आया 2025 ईस्वी में इस रोड का मरमती कार्य को लेकर ग्रामीण कार्य विभाग बांका के द्वारा कार्य करने को लेकर आया गया बरसों बीत जाने के बाद भी आज तक इस सड़क का कार्य नहीं हो रहा है इस बात को लेकर ग्रामीणों में काफी आक्रोश है।

इस संबंध में जब ग्रामीण कार्य विभाग बांका के कनीय अभियंता सुधांशु कुमार सब जानकारी लेने पर बताया गया कि विगत कुछ दिन पूर्व ग्रामीण सड़क में कार्य प्रारंभ किया गया है सड़क में बनने वाली पुलिया का निर्माण कर दी गई है 1 किलोमीटर सड़क के गड्ढे को भरते हुए कालीकरण करना है एवं 200 मी पीसीसी सड़क का निर्माण करना है जिसका लागत45.439 पैंतालीस लाख ,चार सो उनचालीस रुपये से बनना है जिसका कार्य प्रारंभ की तिथि 12 जून 2025 है जबकी कार्य समाप्ति की तिथी 11 जून 2026 है इसके साथ ही इस लागत से बने इस ग्रामीण सड़क का पांच बरस तक मेंटेनेंस कार्य संवेदक के द्वारा किया जाना है कनीय अभियंता सुधांशु कुमार ने यह भी बताया कि कार्य की गुणवत्ता में अगर संवेदक या उनके लोगों के द्वारा कमी की गई जाएगी तो निश्चित तौर पर कार्यवाही होगी।










