

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर। वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र में ईद-उल-फितर का पर्व इस बार बारिश के बीच भी पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और रुक-रुक कर हल्की से तेज बारिश होती रही, लेकिन इसका असर लोगों के त्योहार के जोश पर बिल्कुल भी नहीं पड़ा। बाजारों में सुबह से ही चहल-पहल शुरू हो गई थी और दिन चढ़ते-चढ़ते भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बारिश के बावजूद लोग छाते और रेनकोट के सहारे खरीदारी के लिए बाजारों में पहुंचे। कपड़े, सेवइयां, मिठाई और अन्य जरूरी सामानों की दुकानों पर लोगों की लंबी कतारें देखी गईं। खासकर बच्चों और युवाओं में खरीदारी को लेकर विशेष उत्साह नजर आया। बाजार पूरी तरह गुलजार रहा, जिससे साफ जाहिर हुआ कि त्योहार की खुशी किसी भी परिस्थिति में कम नहीं होती। ईद-उल-फितर के मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह से ही नमाज अता करने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और भाईचारे का संदेश दिया। बच्चों का उत्साह इस मौके पर देखते ही बन रहा था। नए कपड़े पहनकर और ईदी पाकर उनकी खुशी दोगुनी हो गई। घरों में मीठी ईद की खुशबू बिखरी रही, जहां शीर-खुरमा जैसे पारंपरिक व्यंजन बनाए गए। पूरे दिन लोगों के बीच मिलने-जुलने और दावतों का सिलसिला चलता रहा। इस खास मौके पर सामाजिक सौहार्द की भी मिसाल देखने को मिली। बड़ी संख्या में हिंदू समुदाय के लोग भी मुस्लिम परिवारों के घर पहुंचे और उन्हें ईद की बधाई दी। साथ ही दावत में शामिल होकर आपसी भाईचारे और एकता का संदेश दिया। पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए थाना क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। कुल मिलाकर, वाल्मीकिनगर में इस बार की ईद-उल-फितर ने यह साबित कर दिया कि मौसम की बाधाएं भी लोगों के उत्साह और आपसी प्रेम को कम नहीं कर सकतीं है।










