

बेतिया/वाल्मीकिनगर:- थाना क्षेत्र के किसानों को आधुनिक और टिकाऊ खेती के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में गुरुवार को लक्ष्मीपुर में बीज वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एचडीएफसी बैंक परिवर्तन के सहयोग से महात्मा गांधी सेवा आश्रम, जौरा द्वारा संचालित “सक्षम प्रोजेक्ट” के अंतर्गत लक्ष्मीपुर–रमपुरवा पंचायत के किसानों को उन्नत बीज और जैविक खाद उपलब्ध कराया गया। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के छह गांव—लक्ष्मीपुर, रमपुरवा, चरघरिया, संतपुर, दरुआ बारी और ठाढ़ी के कुल 75 किसानों के बीच मक्का, बाजरा, मूंग तथा विभिन्न सब्जियों के बीज वितरित किए गए। सब्जियों के बीजों में घेवड़ा, तरोई, भिंडी और खीरा शामिल थे। इसके साथ ही किसानों को जैविक खाद भी प्रदान की गई, ताकि वे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करते हुए प्राकृतिक और सुरक्षित खेती की ओर बढ़ सकें।
बीज वितरण कार्यक्रम महात्मा गांधी सेवा आश्रम के प्रबंधक प्रफुल्ल कुमार श्रीवास्तव के सानिध्य में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में खेती को लाभकारी बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज और वैज्ञानिक पद्धतियों का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सक्षम प्रोजेक्ट का उद्देश्य किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ना और उनकी आय बढ़ाने में सहयोग करना है। कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार सिंह की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने किसानों को मक्का, बाजरा और दलहनी फसलों की वैज्ञानिक खेती के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सही समय पर बुआई, बीज उपचार, संतुलित खाद का उपयोग और आधुनिक तकनीकों को अपनाने से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। साथ ही उन्होंने किसानों को मौसम के अनुसार फसल चयन करने और जैविक खाद के प्रयोग से मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने की सलाह दी। इस दौरान किसानों को खेती से जुड़े विभिन्न सवालों के जवाब भी दिए गए। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि यदि वे वैज्ञानिक तरीके से खेती करें और गुणवत्तापूर्ण बीजों का प्रयोग करें, तो कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। बीज वितरण कार्यक्रम के सफल संचालन में प्रोजेक्ट के स्टेट कॉर्डिनेटर दुर्गेश कुमार गुप्ता, थीम एक्सपर्ट विकास कुमार पाण्डेय तथा विलेज मोटिवेटर श्रीमती अनिता देवी, राहुल कुमार, भूपेन्द्र काजी और अतुल कुमार सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इन सभी ने किसानों को बीज वितरण की प्रक्रिया में सहयोग किया और खेती से संबंधित आवश्यक जानकारी भी साझा की। कार्यक्रम के अंत में किसानों ने बीज प्राप्त कर खुशी जाहिर की और संस्था द्वारा किए जा रहे इस प्रयास की सराहना की। किसानों का कहना था कि ऐसे कार्यक्रमों से उन्हें नई तकनीकों की जानकारी मिलती है और बेहतर उत्पादन के लिए प्रेरणा भी मिलती है। ग्रामीण किसानों के लिए यह पहल न केवल खेती को उन्नत बनाने में सहायक है, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।









