वाल्मीकिनगर को मिलेगा हवाई पहचान का नया पंख, एयरपोर्ट निर्माण की प्रक्रिया ने पकड़ी रफ्तार।

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जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर :- वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट के विकास की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीम ने शनिवार को वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट का स्थलीय अवलोकन किया। भारत सरकार की ओर से एयरपोर्ट को नए स्वरूप में विकसित करने की प्रक्रिया अब जमीन पर उतरती नजर आ रही है। जिला प्रशासन से लेकर एयरपोर्ट अथॉरिटी तक, सभी स्तरों पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। गोरखपुर एयरपोर्ट के उप महाप्रबंधक रजनीश कुमार प्रसाद के नेतृत्व में ग्लोबल एंड रिसर्च लैबोरेट्री, पटना की टीम शनिवार की शाम वाल्मीकिनगर पहुंची। टीम ने एयरपोर्ट परिसर का निरीक्षण किया और निर्माण से पहले होने वाली मिट्टी जांच की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान अंचलाधिकारी मोहम्मद वसीम अकरम भी मौजूद रहे। उन्होंने एयरपोर्ट भवन निर्माण से पूर्व मिट्टी परीक्षण के लिए आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
उप महाप्रबंधक रजनीश कुमार प्रसाद ने बताया कि वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट को विकसित करने के लिए भारत सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है और इस परियोजना की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि रविवार से मिट्टी जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य आगे बढ़ेगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि एयरपोर्ट से संबंधित टेंडर प्रक्रिया 30 अप्रैल तक पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। ग्लोबल एंड रिसर्च लैबोरेट्री के निदेशक नवीन कुमार सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट निर्माण से पूर्व मिट्टी की जांच बेहद आवश्यक है। इससे यह आकलन किया जाएगा कि विमान के लैंडिंग के दौरान मिट्टी कितना दबाव सह सकती है और उसकी मजबूती कितनी है। मिट्टी परीक्षण की रिपोर्ट एयरपोर्ट अथॉरिटी को सौंपी जाएगी। साथ ही, एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई और चौड़ाई को लेकर वायु सेना से भी आवश्यक अनुमति और तकनीकी दिशा-निर्देश लिए जाएंगे।

19 सीटर विमान से होगी उड़ान की शुरुआत

एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, प्रारंभिक चरण में वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट से 19 सीटर विमान की उड़ान शुरू की जाएगी। इसके हालांकि, एयरपोर्ट मानकों के अनुसार कुल रनवे की लंबाई 1000 मीटर और चौड़ाई 30 मीटर होना अनिवार्य है। आवश्यक भूमि उपलब्ध कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी होगी। फिलहाल उपलब्ध भूमि पर ही निर्माण कार्य की शुरुआत की जाएगी।

विस्तारित एयरपोर्ट के लिए 1250 एकड़ भूमि की जरूरत

वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट को भविष्य में बड़े स्तर पर विकसित करने के लिए कुल 1250 एकड़ भूमि की आवश्यकता बताई गई है। अंचलाधिकारी मोहम्मद वसीम अकरम ने बताया कि भूमि उपलब्धता को लेकर जिला प्रशासन ने प्रक्रिया शुरू कर दी है और इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गई है। कुछ भूमि वन विभाग से ली जानी है, जिसके लिए वन मंत्रालय से समन्वय किया जाएगा। इस संबंध में बिहार सरकार को भी पूरी जानकारी दे दी गई है। स्थानीय लोगों में एयरपोर्ट निर्माण को लेकर खासा उत्साह है। माना जा रहा है कि एयरपोर्ट शुरू होने से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वाल्मीकिनगर और आसपास के इलाकों के आर्थिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी।

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