



सुधीर कुमार सिंह जिला रिपोर्टर बांका।
बांका जिला के फुल्लीडुमर प्रखंड अंतर्गत पंचायत खेसर के बनबर्षा में रजक टोला के आठ वर्षीय निषांत रजक पिता निकेश रजक निषांत रजक को माता सपना कुमारी के द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 23 बनवर्षा के सहायिका मोनी कुमारी पति ब्रह्म देव चौधरी के बुलाने पर वेक्सीन दिलाने केंद्र कर गयी जहां खेसर अति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित ए एन एम सुनीता कुमारी के द्वारा वेक्सीन देने का कार्य किया गया वेक्सीन निषांत रजक को पड़ते ही हालत बिगड़ने लगा यह स्थिति को देखते ही निषांत की माता सपना कुमारी रैने बिलखने लगी यह माजरा देख गांव के कलावे परीजनो भी आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 23 बनबर्षा पर काफी संख्या में जुट गए और एक एन एम इसी मोका का फ़ायदा उठाते हुए केंद्र से भाग गयी।

और अपना झोला में रखे सारे पेपर भी छोड़ कर चली गयी वहीं सहायिका मोनी कुमारी भी अपना घर फरार हो गयी बच्चे की हालत की जानकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फुल्लीडुमर को दिया गया जानकारी पाते ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फुल्लीडुमर के प्रबंधक एवं बि सी एम् के द्वारा एंबुलेंस भेजते हुए निषांत रजक को परीजनो के साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फुल्लीडुमर लाया गया जहां डाक्टर अफताब आलम के द्वारा साथ ही अन्य डाक्टर के सहयोग से बेहतर इलाज करने को लेकर भिड गए साथ ही सहयोग को लेकर अस्पताल के अन्य सहयोगी भी इस बच्चे को बेहतर से बेहतर इलाज कैसे हो प्रयास करने लगे जब निषांत के हालत में सुधार नहीं देखा गया तो बेहतर इलाज को लेकर सदर अस्पताल बांका भेज दिया गया साथ ही इसकी सुचना भी सी एस बांका को देने का काम फुल्लीडुमर अस्पताल के प्रबंधक के द्वारा किया गया इधर फुल्लीडुमर के डाक्टर अफताब आलम एवं प्रबंधक विकास कुमार से जानकारी लिया गया की जिस भाइल से निषांत रजक को भेकसिन दिया गया उस भाइल से और किन किन बच्चों को भेकसिन देने का काम किया गया तो बताया की निषांत रजक ,रिमांश कुमार ,निलम कुमारी ,रिशु कुमारी, अभिनन्दन कुमार, आशा कुमारी , कुन्दन कुमार,ऋषटी कुमारी को भी टीका देने का काम ए एन एम सुनीता कुमारी के द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 23 बनवर्षा पर देने का काम किया गया है जिसमें निषांत कुमार रजक के कलावे सभी बच्चे खतरे से बाहर बताया गया है सदर अस्पताल बांका में इलाज के दौरान से संबंध में सी एस बांका जितेंद्र प्रसाद सिंह से जानकारी लेने पर बताया की निषांत का इलाज को लेकर मैं खुद सदर अस्पताल बांका में मैजूद था बेहतर इलाज का भरपूर प्रयास किया गया लेकीन बचाया नजही जा सका प्रबंधक के सारे प्रयास से निषांत का पोस्टमार्टम सदर अस्पताल बांका में कराते हुए परीजनो को सैंपल लिया गया है परीजन निषांत को लेकर घर चलिए गया है अब जांच रिपोर्ट आने पर ही बताया जा सकता है की निषांत का मृत्यु भेकसिन से ही हुई है या किसी और कार्न से इस निषांत के घर आने पर परीजनो का रो रो कर बुरा हाल हो रहा है निषांत का पिता निकेश रजक दिल्ली में रह कर देहाडी का काम करता है निषांत अपने मां बाप का एक लैता पुत्र ही था।










