वीटीआर में पर्यटन को मिल रहा बढ़ावा, वन्य जीवों के दीदार के लिए वाल्मीकिनगर पहुंच रहे पर्यटक।

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जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों ने एक साथ हिरणों की झूंड,भालू व गौर का वीडियो बना किया वायरल

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह,

बेतिया/वाल्मीकिनगर:- वाल्मीकि टाइगर रिजर्व(वीटीआर) के वन्य जीव पर्यटन को बढ़ावा देने में सहायक हो रहे हैं। इन्हीं वन्यजीवों को देखने के लिए, वाल्मीकिनगर पहुंच, पर्यटक जंगल सफारी करने के लिए लालायित रहते हैं। सोमवार को जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों द्वारा जंगल के अंदर हिरणों की झुंड, भालू व गौर दिखाई दिया जिसका वीडियो बना पर्यटकों द्वारा वायरल कर दिया गया, जो वर्तमान में सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। शाकाहारी वन्यजीवों की बढ़ती तादाद जंगल में रहने वाले मांसाहारी वन्यजीवों के शुभ संकेत माना जा रहा है। वन प्रशासन के तरफ से इन शाकाहारी जीवों के संवर्धन और संरक्षण पर लगातार काम किया जा रहा है। जिसके कारण इनकी संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है। वीटीआर का जंगल मांसाहारी और शाकाहारी वन्यजीवों के लिए एकमात्र ऐसा अधिवास है जहां इनके भोजन के लिए ग्रासलैंड का विस्तार किया गया है।

वीटीआर में गौर की संख्या हुआ 400 के पार

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल में 70 से ज्यादा बाघ, हजारों की संख्या में हिरणों के पांच प्रजाति व सैकड़ो की संख्या में भालू व तेंदुओं का अधिवास क्षेत्र है। लेकिन इससे अलग हटकर जंगल में रहने वाले गौर की संख्या भी 400 के पार है। गौर बहुत ही शक्तिशाली और खतरनाक होते हैं। कहीं भी यह झुंड में ही दिखते हैं, जिसके कारण खतरनाक बाघों की टेढ़ी नजर इन पर कामयाब नहीं हो पाती है। इनके लंबे और नुकीले सिंग किसी भी खतरनाक जानवर को पराजित करने के लिए पर्याप्त है।

वन प्रमंडल दो के 75 एकड़ में फैला है ग्रासलैंड

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व वरुण प्रमंडल दो रेंज में लगभग 75 एकड़ भूमि पर ग्रासलैंड तैयार किया गया है। रेंजर अमित कुमार ने बताया कि इससे शाकाहारी वन्य जीवों को भोजन और आवास दोनों उपलब्ध होता है। जिसके कारण हिरणों के पांच प्रजाति, भालू, नीलगाय जय शिव शाकाहारी जीवों की संख्या में अधिकता आई है। वाल्मीकि नगर रेंज में जटाशंकर मोटर अड्डा और भालू थापा क्षेत्र में ग्रास लैंड तैयार किया गया है। विभाग का मानना है कि अगर शाकाहारी वन्य जीवों की संख्या में बढ़ोतरी होती है, तो बाघों और तेंदुओं की संख्या में भी ज्यादा इजाफा होगा। यही कारण है कि पर्यटकों को लगातार वन्य जीवों का दीदार हो रहा है। जो पर्यटन के लिए लिहाज से शुभ संकेत है।

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