



जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर:- वाल्मीकिनगर में माघ मौनी अमावस्या मेले की शुरूआत हो चुकी है। धार्मिक मान्यताओं के अलावा मेले में आने वाले लोगों के लिए यहां बहुत कुछ हैं। खेल-तमाशे की दुकानें सज चुकी हैं। मेले में झूला के साथ साथ बहुत कुछ है मनोरंजन के लिए। खाने-पीने साज-श्रृंगार की सैकड़ों दुकानें खुल गयी हैं। दूर-दूर से व्यवसायी यहां मेले में अपनी दुकान लगाने आये हैं। यहां आपको चूड़ी-बदी से लेकर हस्तकरघा के बने शाल, चादर, कंबल, तौलिया , लोहे के सामान, के अलावा तरह-तरह के हरेक माल के सामान भी मिल जायेंगे। इसके अलावा मेले में बच्चों और महिलाओं की मनपसंद सामान है। तरह-तरह के दर्जनों झूले लोगों के मन बहलाने के लिए तैयार है। इसके साथ है वीटीआर का मनमोहक नजारा। ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व की स्थान। गंडक बराज का दिलकश नजारा वाल्मीकि नगर को दर्शनीय स्थल बनाता है। वाल्मीकि नगर माघ मेले की अगुवानी के लिए पूरी तरह से तैयार है। मेले में इस बार बच्चों के लिए डिजनीलैंड भी लगाया गया है। यहां कई तरह के राइड हैं।

तरह-तरह के झूले हैं तैयार
मेले की पहचान झूलों से होती है। वाल्मीकि नगर में भी तरह-तरह के झूले लोगों को रोमांचक सैर पर ले जाने के लिए तैयार है। इनमें आसमानी झूला, ब्रेकिग डांस, मिकी माउस, नाव झूला, टॉय ट्रेन जैसे दर्जनों झूले यहां लगाये गये हैं। बच्चों व महिलाओं की सबसे अधिक भीड़ यहीं जुट रही है।

सज गई भूजा पकौड़ी और जलेबी की दुकान
खाने के मामले में मेले में ठेठ देसी से लेकर चाइनिज भोजन तक मिलेगा। गन्ने का रस है तो कॉफी की दुकान भी है। अब पसंद आपकी है कि आप क्या खायेंगे – भूजा पकौड़ी या जलेबी। बच्चों की पसंद फास्ट फूड की भी अनगिनत दुकानें मेले में हैं। खासकर झूला ग्राउंड के पास। क्योंकि स्नान घाट को छोड़ दें तो सबसे अधिक भीड़ यहीं जुटती है। मेले में आप पाव-भाजी, बर्गर, छोले भटूरे के साथ पास्ता का भी आनंद ले सकते हैं। देसी शौकिनों के पुरी-कचौड़ी, हलवा आदि की दुकानें हैं। वहीं वाल्मीकिनगर आए श्रद्धालुओं के द्वारा नगर के विभिन्न मंदिरों में पूजा अर्चना की गई। मेले का मुख्य आकर्षण बच्चों का झूला, दैनिक उपयोग की वस्तु, श्रृंगार प्रसाधन, हरेक माल की दुकानें हैं। मेले का महा प्रसाद संतरा एवं इलाइची दाना की खूब बिक्री हो रही है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।










