



यूपी के बहराइच से जंगल सफारी के लिए आए पर्यटकों को दो बार दिखा तेंदुआ
जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर:- वीटीआर का जंगल विभिन्न प्रजाति के वन्य जीवों का आशियाना है। इस जंगल में बाघ, तेंदुआ, हिरण के पांच प्रजाति, भालू, गौर एवं सांभर सहित अन्य वन्य जीव वास करते हैं। इन वन्यजीवों का सबसे सुरक्षित अधिवास स्थल वाल्मीकि टाइगर रिजर्व का जंगल है। बुधवार की शाम लगभग 4:30 बजे वाल्मीकिनगर भ्रमण पर आए उत्तर प्रदेश के बहराइच के पर्यटकों को दो बार तेंदुआ का दीदार हुआ । अप डाउन 23 किलोमीटर की दूरी के भ्रमण में आने और जाने के क्रम में दो बार पर्यटक को तेंदुआ का दीदार हुआ। बहराइच के पर्यटक कृष्णानंद मिश्रा ने बताया कि हम जो सोचकर आए थे, वह पूरा हो गया। दिल में तमन्ना थी कि हमें बाघ का दीदार हो, लेकिन आज वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के सुंदर वादियों में दो बार तेंदुआ देखने को मिला। जाने के क्रम में थोड़ी सी झलक दिखाई दी लेकिन वापसी में तेंदुआ का पूरा दीदार हुआ, वह धीमी गति से चहलकदमी करने में व्यस्त था, और हम उसका वीडियो बनाने में मशगूल रहे।
इस सत्र में कई बार दिखा तेंदुआ
23 अक्टूबर से वन विभाग द्वारा पर्यटन सत्र की शुरुआत की गई थी। उसके बाद यह चौथा मौका है जब किसी पर्यटक को तेंदुआ का दीदार हुआ है। इससे पहले गोरखपुर से आए पर्यटकों को बाघ दिखाई दिया था। गौर एवं हिरण की उछल कूद पर्यटकों को हमेशा दिखाई पड़ता है, लेकिन तेंदुआ का दिखाई पड़ना एक अलग बात है।
विदेशी पर्यटकों का विभाग को है इंतजार
नए पर्यटन सत्र में देश के विभिन्न राज्यों से पर्यटकों का आना लगातार जारी है। रेंजर अमित कुमार ने बताया कि बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों से पर्यटक इस सत्र में वन भ्रमण के लिए पहुंच चुके हैं, और उन्हें कोई ना कोई वन्यजीव दिखाई पड़ा है। अभी तक विदेशी पर्यटकों का पदार्पण वीटीआर में नहीं हुआ है। जिसका हमें बेसब्री से इंतजार है। विदेशी पर्यटकों के आने से वीटीआर की उपलब्धि अन्य देशों में भी पहुंचती है, जिससे विभाग को फायदा मिलता है।










