सेलिब्रेटिंग लाइफ फ़ाउंडेशन (सीएलएफ़) ने अपना 11वां स्थापना दिवस मनाया।

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जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/ वाल्मीकिनगर:- वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए कार्यरत संस्था सेलिब्रेटिंग लाइफ फ़ाउंडेशन (सीएलएफ़) ने अपना 11वां स्थापना दिवस मनाया। यह आयोजन दिल्ली में आईटीओ स्थित हिन्दी भवन में किया गया। कार्यक्रम युवा जोश और वरिष्ठ अनुभव दोनों का शानदार संगम देखने को मिला। दिल्ली के कैलाश कॉलोनी के समर फील्ड स्कूल की पाँचवी क्लास की दो छात्राओं- समायारा भारद्वाज एवं मायरा भारद्वाज के कत्थक एवं नोएडा स्थित कलाश्री रोशमी मजूमदार की कला स्मृति एकेडमी के बच्चों के भरतनाट्यम ने यह भरोसा दिलाया कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर सुरक्षित हाथों में है। तो कल्पना झा के नृत्य में प्रौढ़ावस्था की गरिमा था। इसी तरह कामेश्वर चौधरी और डॉ प्रवीण चौधरी जैसे वरिष्ठ कवियों के साथ आभा झा, भावना अरोड़ा ‘मिलन’, डॉ वर्षा सिंह, सांत्वना मिश्रा, हर्ष राज, आदित्य भट्टर ‘हंसमुख’ और श्रीचंद कामत जैसे युवा कवियों ने मंच साझा किया।

प्रसिद्ध मानवशास्त्री डॉ कैलाश मिश्रा, बाल साहित्यकार डॉ रजनीकान्त शुक्ल एवं वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती सविता स्याल ‘वरिष्ठ नागरिक एवं आधुनिक समाज’ विषय पर अपने विचार रखे। इस अवसर पर चार विभिन्न वर्गों में सात व्यक्तियों को उनके योगदान के लिए सीएलएफ़ सम्मान भी प्रदान किया गया। सीएलएफ़ साहित्य सेवा सम्मान-2025 से हिन्दी के कवि एवं हिन्दी आंदोलनकारी नरेंद्र सिंह ‘नीहार’ और बाल साहित्यकार रजनीकान्त शुक्ल को सम्मानित किया गया। सीएलएफ़ कला सेवा सम्मान-2025 से साहित्यकार, शिक्षाविद एवं सुरुचि परिवार के द्वारा नई पीढ़ी में शिक्षा, कला और साहित्य को बढ़ावा देने वाले मदन साहनी एवं हैदराबाद के प्रसिद्ध नाटककार एवं मंच सूत्रधार सुहास भटनागर को सम्मानित किया गया। सीएलएफ़ जनसेवा सम्मान-2025 शाकुंतलम की संस्थापिका डॉ नलिनी भार्गव को समाज के वंचित वर्गों में शिक्षा की पहुँच बढ़ाने के लिए तथा किशन चंद बारवा को उनके मानव जनहित कल्याण संस्थान के द्वारा समाज के निराश्रित एवं बीमार लोगों के कल्याण के कार्यों के लिए प्रदान किया गया। योग एवं फिटनेस ट्रेनर काजल चौधरी को लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं नशा मुक्ति के उनके प्रयासों के लिए सीएलएफ़ स्वास्थ्य सेवा सम्मान-2025 दिया गया। कार्यक्रम का संचालन हिन्दी एवं मैथिली की वरिष्ठ साहित्यकार अनीता मिश्रा ने किया। इस अवसर पर सीएलएफ़ साहित्य की एक प्रदर्शिनी भी लगाई गई थी।

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