वाल्मीकि आश्रम में जंगली हाथियों की दस्तक, वन विभाग अलर्ट, दुकान को पहुंचाया नुकसान।

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वीटीआर के चारों गश्ती हाथियों को सुरक्षित स्थान पर किया गया शिफ्ट

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र अंतर्गत वाल्मीकि आश्रम इलाके में शुक्रवार देर शाम नेपाली क्षेत्र से भटककर आए जंगली हाथियों की गतिविधियां दर्ज की गईं। हाथियों के एक झुंड द्वारा आश्रम क्षेत्र स्थित एक दुकान को क्षतिग्रस्त करने की सूचना मिलने के बाद वन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। वनकर्मियों की टीम को हाथियों की खोजबीन और निगरानी में लगाया गया है।
वन विभाग के अनुसार क्षेत्र में हाथियों के पगमार्क मिले हैं, जिसके आधार पर उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि नेपाल के जंगलों से हाथी अक्सर हरियाली और पौष्टिक आहार की तलाश में वीटीआर क्षेत्र में प्रवेश कर जाते हैं। जंगली हाथी स्वभाव से आक्रामक होते हैं, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। संभावित खतरे को देखते हुए वीटीआर की गश्ती एवं वन्यजीव संरक्षण गतिविधियों में सहयोग करने वाले चार प्रशिक्षित हाथियों—राजा, द्रोणा, मणिकंठा और बालाजी—को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। वन विभाग का मानना है कि जंगली हाथियों और प्रशिक्षित हाथियों के आमने-सामने आने की स्थिति में नुकसान की आशंका बढ़ सकती है। वन अधिकारियों ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। पूर्व में भी नेपाली हाथी कई बार वीटीआर क्षेत्र में प्रवेश कर फसलों, दुकानों और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचा चुके हैं। नेपाल के चितवन क्षेत्र और वीटीआर की सीमाएं आपस में जुड़ी होने के कारण बाघ, गैंडा, भालू और अन्य वन्यजीव भी समय-समय पर सीमा पार करते रहते हैं। पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है और हाथियों को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर वापस भेजने की तैयारी की जा रही है।

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