राष्ट्रभक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संगम बना स्वाभिमान बटालियन।

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विश्व पर्यावरण दिवस पर कार्यशाला, शपथ ग्रहण, पौधारोपण और कपड़े के झोलों के वितरण से दिया गया हरित भारत का संदेश

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर:- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रगाश इकोलॉजिकल ग्रीनवे फाउंडेशन द्वारा स्वाभिमान बटालियन परिसर में पर्यावरण जागरूकता कार्यशाला, शपथ ग्रहण, पौधारोपण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वाभिमान बटालियन की कमांडेंट सुश्री निर्मला कुमारी के नेतृत्व में जवानों, महिला जवानों, संत जेवियर्स विद्यालय के विद्यार्थियों तथा फाउंडेशन के स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे आयोजन में राष्ट्रभक्ति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 के ज्ञात एवं अज्ञात वीर सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने वीरों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। वक्ताओं ने कहा कि जिस प्रकार स्वतंत्रता सेनानियों ने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया, उसी प्रकार आज पर्यावरण संरक्षण के लिए भी सामूहिक जिम्मेदारी निभाने की आवश्यकता है। पर्यावरण जागरूकता कार्यशाला को संबोधित करते हुए फाउंडेशन के संस्थापक मनोज कुमार ने विश्व पर्यावरण दिवस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण, जल संकट, जैव विविधता संरक्षण तथा वनों की लगातार घटती संख्या पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने बच्चों और युवाओं से प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने तथा पौधारोपण को जीवन का नियमित हिस्सा बनाने का आह्वान किया।


कमांडेंट सुश्री निर्मला कुमारी ने जवानों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने सिंगल-यूज प्लास्टिक के बहिष्कार, कपड़े के झोलों के उपयोग, जल एवं ऊर्जा संरक्षण तथा स्वच्छता को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे सकारात्मक कदम मिलकर बड़े परिवर्तन का आधार बनते हैं। कार्यक्रम के दौरान मनोज कुमार ने बताया कि वे वर्ष 2007 से निरंतर पौधारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता अभियानों से जुड़े हुए हैं। उनके नेतृत्व में लगाए गए हजारों पौधों में से अनेक आज विशाल वृक्ष बनकर पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। वाल्मीकिनगर एवं आसपास के क्षेत्रों में मौजूद कई चंपा और रुद्राक्ष के वृक्ष उनके वर्षों के प्रयासों की जीवंत पहचान हैं।
कार्यशाला के बाद सभी प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई। इसके उपरांत कमांडेंट निर्मला कुमारी, जवानों, महिला जवानों, विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवकों ने स्वर्णचंपा, रुद्राक्ष और मलयगिरि चंदन सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का सामूहिक पौधारोपण किया। पौधों को राष्ट्र और भावी पीढ़ियों के नाम समर्पित करते हुए उनके संरक्षण का संकल्प भी लिया गया। इस अवसर पर प्रगाश इकोलॉजिकल ग्रीनवे फाउंडेशन की ओर से पर्यावरण-अनुकूल कपड़े के झोलों का वितरण भी किया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि सिंगल-यूज प्लास्टिक भूमि, जल स्रोतों और वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। लोगों से प्लास्टिक थैलियों के स्थान पर कपड़े के झोलों का उपयोग करने तथा अपने परिवार और समाज को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की गई। कार्यक्रम के अंत में मिठाइयों का वितरण किया गया। फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल पौधारोपण करना नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता को एक सूत्र में जोड़कर एक जागरूक, संवेदनशील और सतत् भारत के निर्माण में योगदान देना है।

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