इबोला वायरस को लेकर इंडो-नेपाल बॉर्डर पर अलर्ट, अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों की बढ़ी निगरानी, नेपाल स्वास्थ्य विभाग ने सीमा पर बढ़ाई चौकसी।

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जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर : जानलेवा और अत्यंत संक्रामक मानी जाने वाली इबोला वायरस रोग को लेकर भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है। दुनिया के कई देशों में इबोला संक्रमण के बढ़ते मामलों के बाद इंडो-नेपाल बॉर्डर पर नेपाल स्वास्थ्य विभाग ने विशेष निगरानी शुरू कर दी है। सीमा पर स्थित सभी प्रमुख चेक पोस्टों पर स्वास्थ्यकर्मियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है। खासकर दक्षिण अफ्रीका समेत अन्य अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों की गहन जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार सीमा क्षेत्र में तैनात स्वास्थ्यकर्मियों को विदेश से आने वाले यात्रियों और प्रवासियों की नियमित स्क्रीनिंग करने का निर्देश दिया गया है। हाल ही में प्रभावित देशों से लौटे लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है। यदि किसी यात्री में बुखार, उल्टी, कमजोरी, दस्त या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसकी प्राथमिकता के आधार पर चिकित्सकीय जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
नेपाल बॉर्डर पर जांच कार्य में तैनात स्वास्थ्यकर्मी भीम पंजियार ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका सहित अन्य अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश मिला है। उन्होंने कहा कि फिलहाल सीमा क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया और एचआईवी जैसी बीमारियों की नियमित जांच की जा रही है, लेकिन इबोला वायरस की जांच के लिए आवश्यक किट अभी उपलब्ध नहीं है। जैसे ही जांच किट उपलब्ध होगी, संदिग्ध मरीजों की जांच शुरू कर दी जाएगी। वहीं इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी केबीएन सिंह ने बताया कि अभी तक राज्य सरकार की ओर से इबोला वायरस को लेकर कोई विशेष दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार से आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त होते ही अतिरिक्त सतर्कता बढ़ाई जाएगी और जरूरी स्वास्थ्य व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध लक्षण वाले व्यक्ति की सूचना तुरंत स्वास्थ्यकर्मियों को दें। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते सतर्कता बरतने और निगरानी बढ़ाने से किसी भी संभावित खतरे को प्रभावी तरीके से रोका जा सकता है।

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