

लौरिया से दीपक सिंह की रिपोर्ट
लौरिया। लौरिया प्रखंड कार्यालय परिसर में शनिवार के दिन बिहार राज्य मध्यान्ह रसोईया संघ के तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय बैठक में रसोइयों की समस्याओं को लेकर जोरदार आवाज उठी। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष मुन्ना कुमार ने की, जबकि संचालन जिलाध्यक्ष महेंद्र चौधरी ने किया। कार्यक्रम में प्रदेश प्रधान महासचिव ऋषि कुमार मुख्य रूप से मौजूद रहे। बैठक में मौजूद रसोइयों ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई के दौर में मात्र 3300 रुपये मानदेय पर परिवार चलाना संभव नहीं रह गया है। उन्होंने सरकार से मानदेय बढ़ाकर सम्मानजनक वेतन देने की मांग करते हुए कहा कि स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने के बावजूद उन्हें न्यूनतम सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। रसोइयों ने प्रधानमंत्री पोषण योजना को ठेकेदारी प्रथा एवं एनजीओ के माध्यम से संचालित नहीं कराने की मांग उठाई। वक्ताओं ने कहा कि यदि योजना को एनजीओ के हवाले किया गया तो हजारों रसोइयों के रोजगार पर खतरा उत्पन्न हो जाएगा। बैठक में सरकार से रसोइयों की मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन निर्धारित करने, सभी रसोइयों को स्थायी कर्मचारी का दर्जा देने तथा 12 माह का नियमित मानदेय सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसके साथ ही दुर्घटना होने पर मुफ्त इलाज, मातृत्व अवकाश, भविष्य निधि, बीमा सुविधा तथा अन्य सरकारी कर्मियों की तरह सामाजिक सुरक्षा लाभ उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई गई। प्रदेश प्रधान महासचिव ऋषि कुमार ने कहा कि रसोइया वर्षों से विद्यालयों में सेवा दे रही हैं, लेकिन अब तक उन्हें सम्मानजनक वेतन और सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं। उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो संघ आंदोलन तेज करने को बाध्य होगा। बैठक में प्रभावती देवी, संगीता देवी, मीना देवी, ललिता देवी, रंजु देवी, लालमती देवी, राधिका कुंवर, सलमा खातून, सहिना खातून, सुशीला देवी, रमिता देवी समेत बड़ी संख्या में रसोइया उपस्थित रहीं।










