गांव-गांव पहुंच रही आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवा, भरछी और झरहरवा में सीसीआरएएस की स्वास्थ्य जागरूकता एवं चिकित्सा शिविर।

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टीबी उन्मूलन अभियान पर भी दिया गया विशेष जोर

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर:- सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन आयुर्वैदिक साइंस के तत्वावधान में आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, पटना द्वारा पश्चिमी चम्पारण जिले के बगहा 2 प्रखंड अंतर्गत ग्राम भरछी एवं झरहरवा में व्यापक स्वास्थ्य जागरूकता एवं चिकित्सा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 15 मई 2026 को संस्थान प्रभारी डॉ. रोहित कुमार रावते के दिशा-निर्देशन एवं परियोजना अन्वेषक डॉ. अशोक कुमार सिन्हा के नेतृत्व में संपन्न हुआ। ग्राम भरछी में आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सा परामर्श शिविर में ग्रामीणों की मधुमेह (डायबिटीज) और रक्ताल्पता (एनीमिया) की जांच की गई। शिविर में मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श देने के साथ-साथ जरूरत के अनुसार निःशुल्क आयुर्वेदिक औषधियों का भी वितरण किया गया। इस स्वास्थ्य शिविर से कुल 42 मरीज लाभान्वित हुए। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि दूर-दराज क्षेत्रों में इस प्रकार के शिविर लोगों के लिए काफी लाभदायक साबित हो रहे हैं। वहीं ग्राम झरहरवा में“टीबी उन्मूलन हेतु 100 दिवसीय सघन अभियान” के तहत राजयक्ष्मा (टीबी) विषय पर विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को टीबी के लक्षण, समय पर जांच, नियमित उपचार एवं बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही लोगों को “टीबी मुक्त भारत अभियान” से जुड़ने और समाज में जागरूकता फैलाने का संदेश भी दिया गया। इस कार्यक्रम में कुल 45 लाभार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर जांच और नियमित उपचार से टीबी जैसी गंभीर बीमारी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।

उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना या कमजोरी जैसी समस्याएं हों तो तुरंत जांच कराएं। इस दौरान स्वास्थ्य टीम के सदस्य डॉ. शमीम आलम (एस.आर.एफ.), प्रकाश कुमार, ललन पासवान, अर्णब मेटा एवं मनोज कुमार सक्रिय रूप से मौजूद रहे। टीम ने ग्रामीणों को आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और लोगों को गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूक करने की दिशा में यह अभियान एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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