

तिरहुत नहर क्षेत्र में प्रशासन सख्त, जल प्रवाह और सुरक्षा को लेकर अवैध कब्जों पर कार्रवाई तेज।
जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर:। तिरहुत नहर अवर प्रमंडल की सख्ती का असर अब जमीनी स्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। गंडक बराज के आसपास नहर किनारे वर्षों से जमे अतिक्रमणकारियों में प्रशासन की चेतावनी के बाद हड़कंप मच गया है। विभाग द्वारा दिए गए तीन दिन के अल्टीमेटम के बाद एक दर्जन से अधिक दुकानदार अब खुद ही अपनी दुकानें और अन्य अस्थायी निर्माण हटाने में जुट गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अवर प्रमंडल पदाधिकारी द्वारा जारी द्वितीय नोटिस में स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि तिरहुत मुख्य नहर के किनारे अधिग्रहीत भूमि पर किए गए सभी अवैध कब्जे तीन दिनों के भीतर हटा लिए जाएं। नोटिस में यह भी बताया गया था कि नहर बांध के आसपास कई लोगों ने दुकानें, कच्चे-पक्के मकान, झोपड़ियां, चापाकल और शौचालय तक बना लिए हैं, जो पूरी तरह नियमों के विरुद्ध हैं। प्रशासन की इस सख्ती के बाद अब स्थानीय लोगों ने नुकसान से बचने के लिए खुद ही अतिक्रमण हटाने का रास्ता अपनाया है। कई दुकानदार अपनी दुकानों के छप्पर खोलते और सामान समेटते नजर आ रहे हैं। कुछ लोग अस्थायी ढांचों को तोड़कर सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश में लगे हैं। क्षेत्र में दिनभर ऐसी गतिविधियां देखी जा रही हैं, जिससे स्पष्ट है कि लोग प्रशासन की चेतावनी को गंभीरता से ले रहे हैं। इस संबंध में कनिय अभियंता वीरोंध्वज सरकार ने साफ कहा है कि निर्धारित समय सीमा के बाद किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाने वालों के खिलाफ अतिक्रमण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और सभी अवैध निर्माण को बलपूर्वक ध्वस्त किया जाएगा। इस दौरान होने वाले नुकसान के लिए संबंधित व्यक्ति स्वयं जिम्मेदार होंगे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, नहर क्षेत्र में बढ़ते अतिक्रमण के कारण जल प्रवाह प्रभावित हो रहा था, जिससे सिंचाई व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बनी हुई थी। साथ ही, नहर किनारे बने अवैध निर्माण भविष्य में हादसों का कारण भी बन सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई केवल नियमों को लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि आम जनता की सुरक्षा और सिंचाई तंत्र को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से की जा रही है। फिलहाल अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया जारी है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।










