रात के सन्नाटे में कॉलोनी में घुसा गौर, दहशत में बीती रात।

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जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर: थाना क्षेत्र के ऊपरी शिविर स्थित आवासीय कॉलोनी में बीती रात उस समय हड़कंप मच गया, जब जंगल से भटककर एक विशालकाय गौर (भारतीय बाइसन) रिहायशी इलाके में आ पहुंचा। देर रात अचानक इस जंगली पशु की मौजूदगी से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया और लोग भयभीत होकर अपने-अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात के सन्नाटे में कॉलोनी के आसपास किसी भारी-भरकम जानवर के घूमने की आहट सुनाई दी। स्थानीय निवासी मुन्ना श्रीवास्तव और अरुण पटेल ने बताया कि पहले तो उन्हें लगा कि कोई सामान्य पशु होगा, लेकिन जब उन्होंने ध्यान से देखा तो उनके होश उड़ गए। सामने एक विशाल गौर खड़ा था, जो आमतौर पर वीटीआर के घने जंगलों में पाया जाता है। यह दृश्य देखते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। गौर, जिसे भारतीय बाइसन भी कहा जाता है, अपनी मजबूत काया और ताकत के लिए जाना जाता है। सामान्यतः यह शांत स्वभाव का होता है, लेकिन खतरा महसूस होने पर आक्रामक भी हो सकता है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों में भोजन या पानी की तलाश के दौरान रास्ता भटकने पर ऐसे जानवर रिहायशी इलाकों में पहुंच जाते हैं। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग सक्रिय हो गया। रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि टीम को तत्काल मौके पर भेज दिया गया है और गौर की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। गौर को वर्ष 1986 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘संवेदनशील’ प्रजाति की श्रेणी में रखा गया है, जो इसके संरक्षण की आवश्यकता को दर्शाता है। यह प्रजाति पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वन विभाग ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि ग्रामीण सजग व सतर्क रहें और किसी भी स्थिति में गौर के पास जाने या उसे उकसाने की कोशिश न करें। साथ ही किसी भी असामान्य गतिविधि की तुरंत सूचना विभाग को दें, ताकि मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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