



जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह,
बेतिया/वाल्मीकिनगर:- वन एवं वन्यजीव संरक्षण को सशक्त बनाने की दिशा में गोनौली रेंज के दो गांवों नारायणापुर और गोनौली में ईको विकास समिति (ईडीसी) का द्विवार्षिक चुनाव गुरुवार को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो गया। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र में आयोजित चुनाव में ग्रामीणों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। वन विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में यह चुनाव रेंजर राजकुमार पासवान के दिशा-निर्देशन तथा पंचायत मुखिया प्रियंका देवी के नेतृत्व में आयोजित किया गया। सर्वसम्मति से नारायणापुर गांव के लिए हरनाथ यादव को अध्यक्ष तथा भूअली देवी को उपाध्यक्ष चुना गया। वहीं गोनौली गांव में सत्यनारायण प्रसाद को अध्यक्ष और रामदेई देवी को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। ग्रामीणों के निर्णय पर वन विभाग ने अपनी सहमति की मुहर लगाते हुए नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी। रेंजर राजकुमार पासवान ने बताया कि चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ और ग्रामीणों का उत्साह सराहनीय रहा। उन्होंने जानकारी दी कि गनौली गांव में पूर्व में राजेश गुप्ता को विभाग द्वारा अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया था, जिनका कार्यकाल अब पूर्ण हो चुका है। नियमानुसार ईको विकास समिति में सचिव का पद वनपाल के पास रहता है, जबकि अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सहसचिव का चयन ग्रामीणों द्वारा किया जाता है।

चुनाव के दौरान मंतोष यादव, अकलू यादव, गुमस्ता दिनेश कुमार महतो, वनरक्षक अभय कुमार, प्रकाश यादव, प्रियंका कुमारी, वार्ड सदस्य शत्रुघन राम एवं वीरेंद्र राम सहित दर्जन ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुए गांव और जंगल के समग्र विकास के लिए मिलकर कार्य करने की अपेक्षा जताई। नवनियुक्त अध्यक्ष हरनाथ यादव ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे सभी को साथ लेकर वन एवं वन संपदा की सुरक्षा के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि वन विभाग के सहयोग से वन अपराधों पर रोक, जंगल में आग की घटनाओं की रोकथाम और वन्यजीव संरक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी।
वन संरक्षण में ईको विकास समिति की अहम भूमिका
ईको विकास समिति वन विभाग की एक महत्वपूर्ण इकाई है, जिसका गठन जंगल से सटे गांवों में किया जाता है। इसका उद्देश्य वन क्षेत्रों को आग, अवैध कटाई, शिकार और अन्य वन अपराधों से सुरक्षित रखना है। समिति ग्रामीणों और वन विभाग के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करती है, जिससे समय पर सूचना और त्वरित कार्रवाई संभव हो पाती है।
ग्रामीणों को मिलती हैं विभिन्न सुविधाएं ईडीसी के माध्यम से जंगल से सटे गांवों के जरूरतमंद परिवारों को कई प्रकार की सहायता प्रदान की जाती है। गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए टेंट, जेनरेटर और भोजन पकाने के बर्तन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। साथ ही बकरी पालन, सिलाई मशीन जैसी आजीविका योजनाओं से ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाता है। विशेष रूप से आदिवासी बहुल गांवों में इन योजनाओं का लाभ देकर उन्हें वन संरक्षण से जोड़ा जाता है। गोनौली और नारायणापुर में ईको विकास समिति का गठन न केवल वन एवं वन्यजीव संरक्षण को मजबूती देगा, बल्कि ग्रामीण विकास की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम साबित होगा।










