सरस्वती पूजा के रंग में रंगा माघ मेला ।

0
15



Spread the love

वाल्मीकिनगर में आस्था, उत्साह और मनोरंजन का अनोखा संगम

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह,

बेतिया/वाल्मीकिनगर:- सरस्वती पूजा और माघ मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर वाल्मीकिनगर में इस वर्ष आस्था, संस्कृति और मनोरंजन का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा के साथ माघ मेला का आयोजन होने से क्षेत्र में उत्साह और रोमांच अपने चरम पर है। सरस्वती पूजा एवं माघ मेला के एक साथ पड़ने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है, जिससे पूरा इलाका मेले के रंग में रंग गया है।
माघ मौनी अमावस्या को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस दिन स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व है। इसी पावन तिथि पर वाल्मीकिनगर में लगे माघ मेला में दूर-दराज के इलाकों से श्रद्धालु पहुंचे हैं। लोग सुबह से ही स्नान-ध्यान कर पूजा-अर्चना में जुटे नजर आए। इसके बाद परिवार और दोस्तों के साथ मेला घूमने का आनंद लेते दिखे।
सरस्वती पूजा के कारण मेले का आकर्षण और भी बढ़ गया है। पूजा समितियों द्वारा जगह-जगह मां सरस्वती की भव्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। छात्र-छात्राएं मां शारदे की आराधना कर विद्या और सफलता की कामना कर रहे हैं। पूजा के बाद बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी मेला घूमने निकल पड़ते हैं। इस दोहरे आयोजन ने खासकर बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह भर दिया है। मेले में मनोरंजन के लिए झूले, ब्रेक डांस, ड्रैगन झूला, नाव झूला सहित कई तरह के आकर्षक साधन लगाए गए हैं। बच्चों की किलकारियों और युवाओं की चहलकदमी से मेला परिसर गुलजार है। वहीं खाने-पीने के स्टॉल भी लोगों को खूब लुभा रहे हैं। चाट, जलेबी, मिठाई, पकौड़ी और स्थानीय व्यंजनों की दुकानों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। खरीदारी के शौकीनों के लिए भी मेला किसी जन्नत से कम नहीं है। खिलौने, बर्तन, कपड़े, सौंदर्य प्रसाधन और घरेलू उपयोग की वस्तुओं की दुकानों पर लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं। खासकर बच्चे रंग-बिरंगे खिलौनों और गुब्बारों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। सरस्वती पूजा और माघ मेला के संयुक्त आयोजन से स्थानीय व्यापारियों में भी खासा उत्साह है। दुकानदारों का कहना है कि इस बार भीड़ अधिक होने से व्यापार अच्छा चल रहा है। वहीं स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होती है और सामाजिक मेलजोल बढ़ता है।
प्रशासन की ओर से मेले में सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ सादे लिबास में भी जवानों को लगाया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से निपटा जा सके। कुल मिलाकर, सरस्वती पूजा के अवसर पर लगे माघ मेला ने वाल्मीकिनगर में श्रद्धा और रोमांच का अनोखा माहौल बना दिया है। यह मेला न सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र बना है, बल्कि लोगों के लिए खुशी, मनोरंजन और आपसी मेल-जोल का भी बड़ा माध्यम साबित हो रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here