



जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर:-माघ मौनी अमावस्या मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को गंदे पानी व कीचड़ से निजात दिलाने के लिए स्थानीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई है। वाल्मीकिनगर का दिल कहे जाने वाला गोल चौक की वर्तमान में सड़क पर बहता पानी ही इसकी पहचान बन गई है। यह वह स्थल है जहां से अंतर्राष्ट्रीय सीमा की शुरुआत होती है। पश्चिमी चंपारण के अंतिम छोर पर बसे यह पर्यटन स्थल अपनी स्वच्छता और सुंदरता के कारण विश्व पटल पर पहचान बना रहा है। इसी गोल चौक से इको पार्क व जंगल कैंप जाने वाले मार्ग पर प्रत्येक दिन जल जमाव व कीचड़ होने के कारण आने वाले पर्यटक इसकी चर्चा स्थानीय लोगों से करते हैं। जिससे स्थानीय लोग कोई जवाब दे नहीं पाते हैं।वर्तमान में माघ मौनी अमावस्या को लेकर दुकानें सजने लगी है। जिस जगह पर व्यापारियों द्वारा दुकान लगाया जा रहा है, वहां कीचड़ और जल जमाव होने के कारण उनकी समस्याएं बढ़ गई है। व्यापारियों द्वारा स्थानीय लोगों से जल बहाव को रोकने की गुहार लगाई जा रही है, लेकिन इस समस्या का समाधान करने के लिए कोई भी आगे नहीं आ रहा है। इस बाबत वाल्मीकि नगर पंचायत के उप मुखिया रवि प्रकाश गुप्ता ने बताया कि, वार्ड नंबर 16 कास्ट भंडार कॉलोनी में लगाए गए नल जल का नल टूट गया है। इसके बारे में संवेदक मनी लाल साह से बात हुई है वे टाल मटोल कर रहे हैं। फिलहाल दुकानें सजने लगी है।
बोले ग्रामीण
वाल्मीकिनगर के गोल चौक जहां महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा स्थापित की गई है, वहां गंदे नाली का पानी व कीचड़ के जमाव होने से मच्छरों का प्रकोप व दुर्गंध के कारण स्थानीय दुकानदारों एवं राहगीरों को काफी परेशानी हो रही है। उनका कहना है कि इससे संक्रामक रोग होने का भी संकट मंडरा रहा है। इस दौरान पूर्व मुखिया अनिल कुमार सिंह, अमित सिन्हा, समाजसेवी अमित कुमार सिंह, बीडीसी प्रतिनिधि प्रेम कुमार, बबलू श्रीवास्तव, दीपक कुमार एवं प्रभु राम ने बताया कि सिस्टम सो रहा है। इस जल जमाव और कीचड़ के कारण वाल्मीकि नगर की छवि धूमिल हो रही है। इसके तरफ किसी का ध्यान नहीं है।
बोले व्यापारी
माघ मौनी अमावस्या में दुकान लगाने के लिए बेतिया से आए सुरेंद्र प्रसाद मोहम्मद एजाज, राहुल गुप्ता एवं गोरखपुर के बरेली से आए मोहम्मद तबरेज आलम, आसीफ अंसारी एवं मुनव्वर खान ने अपनी समस्याओं से अवगत करते हुए कहा कि हम लोग दुकान में खाना बनाते खाते हैं। गंदे पानी के दुर्गंध के कारण हम लोग परेशान है। हम लोग पांच हाथ जमीन के लिए 10-10- हजार रुपए देते हैं। अगर हमारा व्यापार नहीं चला तो हम बर्बाद हो जाएंगे। क्योंकि कीचड़ – पानी के कारण ग्राहक हम लोगों की दुकान पर नहीं आ पाएंगे।
बोले कार्यपालक अभियंता
नल जल विभाग के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि इस संदर्भ में कनीय अभियंता से बात कर हालात की जानकारी ली जाएगी। वहीं स्थानीय लोगों ने नल जल विभाग के अधिकारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के ढुलमुल रवैया को लेकर रोष प्रकट किया है।










