वाल्मीकिनगर में गूंजा योग का संदेश, स्वस्थ भारत के संकल्प से जुड़े हजारों लोग।

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केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने योग को बताया भगवान शिव की साधना का प्रसाद, नारायणी तट पर एसएसबी जवानों और विद्यार्थियों ने किया सामूहिक योगाभ्यास।

बेतिया/वाल्मीकिनगर:- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को वाल्मीकिनगर योगमय वातावरण में रंग गया। राज्य आयुष समिति, बिहार के सौजन्य से नवनिर्मित वाल्मीकि सभागार परिसर में भव्य योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, चिकित्सकों, विद्यार्थियों, प्रशिक्षकों एवं स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को योग के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ, निरोग और खुशहाल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने योग की उत्पत्ति को भगवान शिव की साधना से जोड़ते हुए कहा कि भगवान शंकर ने सप्त ऋषियों को योग एवं ध्यान का ज्ञान देकर मानवता को आत्मकल्याण का मार्ग दिखाया था। आज वही योग विश्वभर में लोगों को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ बनाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है। केंद्रीय मंत्री ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में चुने जाने के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है, जब प्रकृति में विशेष ऊर्जा का संचार रहता है। इसी सकारात्मक ऊर्जा को जनकल्याण से जोड़ने के उद्देश्य से इस तिथि को योग दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने लोगों से नियमित योगाभ्यास को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षक नंदनी कुमारी, दुर्गा कुमारी एवं नीतीश कुमार ने उपस्थित लोगों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया। योगाभ्यास में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर बगहा एसडीएम चांदनी कुमारी, डॉ. लक्ष्मण कुमार, डॉ. संजय कुमार, डॉ. धीरज कुमार, डॉ. ओमप्रकाश सिंह, डॉ. मोतिउर रहमान सहित कई आयुष चिकित्सक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। वहीं भारत-नेपाल सीमा पर स्थित गंडक बराज के समीप नारायणी तट पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) द्वारा भी विशेष योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। सीमा सुरक्षा में तैनात अधिकारियों एवं जवानों ने विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों के साथ सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। एसएसबी अधिकारियों ने योग को तनावमुक्त, अनुशासित और संतुलित जीवन का आधार बताते हुए इसके नियमित अभ्यास पर जोर दिया। कार्यक्रम में कई अधिकारी उपस्थित रहे। योग दिवस पर आयोजित इन कार्यक्रमों ने वाल्मीकिनगर में स्वास्थ्य, जागरूकता और सामूहिक सहभागिता का सशक्त संदेश प्रसारित किया तथा लोगों को स्वस्थ भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

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