

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत भी मुकदमा दर्ज
लौरिया। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान प्रशासनिक गरिमा को ठेस पहुंचाने और सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। लौरिया प्रखंड के बसवरिया गांव में सरकारी नाली की जमीन से अवैध चारदीवारी का मलबा साफ कराने पहुंचे अंचलाधिकारी नितेश कुमार सेठ और उनकी टीम पर न सिर्फ हमलावर रुख अपनाया गया, बल्कि प्रशासन की छवि धूमिल करने की गहरी साजिश भी रची गई। अतिक्रमणकारी जाकिर हुसैन, उसके बेटों सादिक व वारिस हुसैन और नसीम अख्तर ने सोची-समझी रणनीति के तहत प्रशासनिक कार्रवाई का चलचित्र रिकॉर्ड किया और उसे इंटरनेट मीडिया पटल पर अपने मनगढ़ंत दावों के साथ भ्रामक तरीके से प्रचारित कर दिया। आरोपियों ने अंचलाधिकारी पर पैसे लेकर एकतरफा कार्रवाई करने का झूठा आरोप लगाते हुए इसे प्रसारित किया, ताकि जनता को गुमराह किया जा सके।
इस भारी उकसावे, गाली-गलौज और जाकिर हुसैन द्वारा डंडा लेकर हमला करने की कोशिश के बावजूद अंचलाधिकारी नितेश कुमार सेठ पूरी तरह अडिग रहे। उन्होंने अत्यंत शांत और मर्यादित व्यवहार करते हुए प्रशासनिक गरिमा की मिसाल पेश की और मौके पर कोई विवाद करने के बजाय कानून का सहारा लिया। आरोपियों के भ्रामक प्रचार अभियान से विचलित हुए बिना अंचलाधिकारी ने लौरिया थाने में लिखित आवेदन देकर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामले की गंभीरता और इंटरनेट माध्यमों से सरकारी सेवक को बदनाम करने की बदनीयत को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के कड़े प्रावधानों को भी मुकदमे में शामिल किया है। इसके तहत डिजिटल माध्यमों से अफवाह फैलाने और अंतर्जाल मानहानि करने के आरोप में कड़ी सजा का प्रावधान है। थानाध्यक्ष इंद्रजीत पासवान ने बताया कि पुलिस मामला दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि कानून हाथ में लेकर या इंटरनेट पर भ्रामक चलचित्र डालकर प्रशासनिक छवि बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।










