

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर: भारत-नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व एक बार फिर पर्यटकों के लिए रोमांच और उत्साह का केंद्र बन गया। शुक्रवार की शाम बेतिया के योगापटी से पहुंचे पर्यटकों को जंगल सफारी के दौरान मोटर अड्डा जंगल क्षेत्र में करीब 20 से 25 मिनट तक बंगाल टाइगर का दीदार हुआ। बाघ को इतने करीब और खुले क्षेत्र में विचरण करते देख पर्यटक रोमांचित हो उठे और इस यादगार पल को अपने कैमरों व मोबाइल फोन में कैद करते नजर आए।
जानकारी के अनुसार, शुक्ला एंड मिश्रा फैमिली जंगल सफारी के लिए वाल्मीकिनगर पहुंची थी। सफारी के दौरान नेचर गाइड त्रिलोकी प्रसाद और चालक राजकुमार की मदद से पर्यटकों को बाघ देखने का दुर्लभ अवसर मिला। पर्यटकों ने बताया कि बाघ बेहद शांत अंदाज में जंगल के खुले हिस्से में धीरे-धीरे चलता दिखाई दिया। ऐसा लग रहा था मानो वह पूरे जंगल का निरीक्षण कर रहा हो। सफारी में शामिल प्रिंस मिश्रा, अभय शुक्ला, रूचि शुक्ला, चांदनी मिश्रा, छोटी मिश्रा, अदिति मिश्रा, ऋतिका शुक्ला और रजनीश ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वे पहली बार वाल्मीकिनगर घूमने आए थे और उनकी सबसे बड़ी इच्छा बाघ देखने की थी, जो पूरी हो गई। उन्होंने कहा कि यह अनुभव उनके जीवन का सबसे यादगार पल बन गया है। जंगल की हरियाली, पक्षियों की चहचहाहट और बाघ की शाही मौजूदगी ने पूरे माहौल को रोमांच से भर दिया।

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। यहां बाघों के अलावा तेंदुआ, भालू, गौर, सांभर और हिरण की कई प्रजातियां पाई जाती हैं। हालांकि पर्यटकों को अक्सर हिरणों के झुंड और अन्य वन्यजीव दिखाई दे जाते हैं, लेकिन बाघ का दर्शन बेहद दुर्लभ माना जाता है।
वन विभाग के अनुसार, 23 अक्टूबर 2025 से शुरू हुए पर्यटन सत्र में यह छठा मौका है जब पर्यटकों को बाघ दिखाई दिया है। लगातार हो रही टाइगर साइटिंग से जंगल में बाघों की सक्रियता बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, जिसे वन्यजीव संरक्षण के लिए सकारात्मक माना जा रहा है। रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक वाल्मीकिनगर पहुंच रहे हैं। इस बार कुछ विदेशी पर्यटक भी यहां आए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिजर्व की पहचान और मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि विदेशी पर्यटकों के आगमन से स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था दोनों को लाभ मिल रहा










