

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह,
बेतिया/वाल्मीकिनगर:- शुक्रवार को थाना क्षेत्र के ऊपरी शिविर कॉलोनी में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब स्थानीय निवासी प्रमोद कुमार के घर के अंदर एक अजीब किस्म का सांप दिखाई दिया। अचानक घर में सांप नजर आने से परिवार के लोग घबरा गए और भय के कारण तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले गए। सबसे बड़ा सवाल उनके मन में यही था कि कहीं यह सांप जहरीला तो नहीं है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परिजनों ने तत्काल वन विभाग की रेस्क्यू टीम को सूचना दी। सूचना मिलते ही वनकर्मी मौके पर पहुंचे और पूरी सावधानी के साथ सांप को पकड़ने की प्रक्रिया शुरू की। कुछ ही देर में टीम ने सफलतापूर्वक सांप को काबू में कर लिया, जिससे परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली।
जांच के दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह कोई सामान्य सांप नहीं, बल्कि दुर्लभ श्रेणी में आने वाला “वन सुंदरी” प्रजाति का सांप है। इस सांप की खासियत इसका आकर्षक रूप और रंग बदलने की क्षमता है। इसका सिर तांबे (कॉपर) की तरह चमकदार दिखाई देता है, जो इसे अन्य सांपों से अलग बनाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, वन सुंदरी सांप खतरा महसूस होने पर अपने मुंह को फुलाकर तेज फुफकार की आवाज निकालता है, जिससे लोग डर जाते हैं। हालांकि, यह सांप जहरीला नहीं होता और इंसानों के लिए घातक नहीं है। इसके बावजूद जानकारी के अभाव में लोग अक्सर ऐसे सांपों को नुकसान पहुंचा देते हैं। यह सांप मुख्य रूप से छोटे कीट-पतंगे, छिपकली, मेंढक और छोटे पक्षियों को अपना आहार बनाता है। इसकी लंबाई पांच फीट से अधिक हो सकती है और यह एक बार में लगभग 15 अंडे देता है। अपनी सुंदर बनावट के कारण ही इसे “वन सुंदरी” नाम दिया गया है। रेस्क्यू के बाद वन विभाग की टीम ने इस सांप को सुरक्षित रूप से जटाशंकर जंगल में छोड़ दिया, ताकि यह अपने प्राकृतिक आवास में वापस जा सके। इस संबंध में वाल्मीकिनगर रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि गर्मी के मौसम में सांपों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं, जिससे वे अक्सर रिहायशी इलाकों में पहुंच जाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी सांप को देखकर घबराएं नहीं और उसे नुकसान न पहुंचाएं, बल्कि तुरंत वन विभाग को सूचित करें। साथ ही उन्होंने सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि रात में सोने से पहले बिस्तर की अच्छी तरह जांच करें और मच्छरदानी का उपयोग करें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।










