करंट के जाल से मौत की साजिश नाकाम, वन विभाग की छापेमारी में शिकारी फरार।

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जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर : वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना के जंगल से सटे थाड़ी गांव के समीप वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए वन्यजीवों के शिकार की साजिश को विफल कर दिया है। गुप्त सूचना के आधार पर वाल्मीकिनगर रेंजर सत्यम कुमार के निर्देश पर गठित टीम ने छापेमारी की, जिसमें करंट से शिकार करने की खतरनाक तैयारी का खुलासा हुआ। जांच के दौरान वनकर्मियों ने पाया कि आरोपियों द्वारा 11 केवी विद्युत लाइन से अवैध रूप से हुकिंग कर जंगल किनारे करंटयुक्त तारों का जाल बिछाया गया था। यह जाल विशेष रूप से उन स्थानों पर लगाया गया था, जहां वन्यजीवों का आवागमन अधिक रहता है। वन विभाग की तत्परता से इस घातक जाल को समय रहते निष्क्रिय कर दिया गया, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई। वन विभाग के अनुसार, इस प्रकार के अवैध शिकार के तरीके बेहद खतरनाक और क्रूर होते हैं। करंट प्रवाहित तारों की चपेट में आकर छोटे जानवरों के साथ-साथ जंगली सूअर, हिरण, सांभर और यहां तक कि बाघ जैसे दुर्लभ वन्यजीव भी अपनी जान गंवा सकते हैं। यह न केवल वन्यजीव संरक्षण के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि जैव विविधता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। कार्रवाई के दौरान आरोपी मौके से फरार हो गए, हालांकि वन विभाग ने उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों से भी सतर्क रहने की अपील की गई है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और ऐसे अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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