

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह,
बेतिया/वाल्मीकिनगर:- क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए वाल्मीकिनगर के विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने बगहा हरनाटांड, एवं अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, वाल्मीकिनगर का औचक निरीक्षण कर पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा दिया। बिना किसी पूर्व सूचना के पहुंचे विधायक के इस कदम को आम जनता के प्रति जवाबदेही और व्यवस्था सुधार की दिशा में एक ठोस पहल माना जा रहा है। अचानक अस्पताल पहुंचने से वहां मौजूद डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों में हलचल तेज हो गई। विधायक ने अस्पताल के हर एक कक्ष का गहन निरीक्षण किया। सभी विभागों में जाकर उन्होंने व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत कर इलाज की गुणवत्ता, डॉक्टरों की उपस्थिति और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया।
विधायक की मौजूदगी का असर अस्पताल परिसर में साफ दिखाई दिया। जहां-जहां खामियां नजर आईं, वहां उन्होंने तुरंत सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों को समय पर उचित इलाज और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

निरीक्षण के बाद विधायक ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी केबीऐन सिंह के साथ बैठक कर स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में अस्पताल में संसाधनों की उपलब्धता, दवाओं की नियमित आपूर्ति, डॉक्टरों और कर्मचारियों की उपस्थिति तथा साफ-सफाई जैसी अहम बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया। विधायक ने निर्देश दिया कि अस्पताल में आने वाले हर मरीज को सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कार्य के दौरान कोई व्यावहारिक समस्या आती है, तो उसे तुरंत उनके संज्ञान में लाया जाए, ताकि समाधान किया जा सके। लेकिन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, टालमटोल या बहानेबाजी बिल्कुल भी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और आम जनता के भरोसे पर खरा उतरना होगा। विधायक का यह औचक निरीक्षण केवल एक औपचारिक दौरा नहीं, बल्कि एक स्पष्ट संकेत है कि अब जनप्रतिनिधि स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर हैं और जमीनी स्तर पर उतरकर व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस कार्रवाई से जहां स्वास्थ्यकर्मियों में जवाबदेही की भावना मजबूत हुई है, वहीं आम लोगों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद भी जगी है। कुल मिलाकर, वाल्मीकिनगर अस्पताल का यह औचक निरीक्षण स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। आने वाले समय में इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलने की पूरी संभावना है।










