

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर:- बिहार में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और आने वाले दिनों में इसका असर और तेज होने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमीयुक्त हवाओं के संयुक्त प्रभाव से राज्य में खतरनाक मौसमी परिस्थितियाँ बन रही हैं। इसके साथ ही सक्रिय चक्रवातीय परिसंचरण के कारण वायुमंडल में अस्थिरता बढ़ गई है, जिससे मौसम का मिजाज और बिगड़ने की आशंका है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आगामी 3 से 4 दिनों के दौरान बिहार के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश, वज्रपात, तेज आंधी और कहीं-कहीं ओलावृष्टि हो सकती है। खासकर 8 और 9 अप्रैल को मौसम की तीव्रता अधिक रहने की संभावना जताई गई है। इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस तरह की स्थिति में पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में आम नागरिकों को सतर्क रहने की सख्त सलाह दी गई है। खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने, वज्रपात के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने और पेड़ों व बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है। किसानों के लिए भी यह अलर्ट बेहद महत्वपूर्ण है। मौसम विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी तैयार फसलों की जल्द से जल्द कटाई कर सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करें। खेतों में रखी फसलों को ढंककर या सुरक्षित स्थान पर रखकर संभावित बारिश और ओलावृष्टि से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के प्रभारी डॉ. आनंद शंकर ने कहा है कि इस दौरान विभाग द्वारा जारी किए जा रहे पूर्वानुमानों और चेतावनियों का पालन करना बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी आपात स्थिति में सतर्क रहें और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें।










