हरैयाकोट में शक्ति केंद्र की बैठक, विकास और सतर्कता पर जोर।

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जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर: अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्रों में सामाजिक जागरूकता, विकास और सुरक्षा को लेकर शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। हरैयाकोट स्थित मंदिर परिसर में आयोजित इस बैठक में सीमा जागरण मंच के अधीन कार्यरत शक्ति केंद्र के सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता शक्ति केंद्र के अध्यक्ष मंतोष यादव ने की, जबकि संचालन सीमा जागरण मंच के जिला पूर्णकालिक महामंत्री गोविंद कुमार यादव ने किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती गांवों के विकास, सामाजिक समरसता बनाए रखने तथा अवैध गतिविधियों पर रोकथाम को लेकर रणनीति तैयार करना था। बैठक को संबोधित करते हुए मंतोष यादव ने कहा कि सीमाई क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि थाना क्षेत्र के किसी भी गांव में अवैध गतिविधियों या सामाजिक असंतुलन फैलाने की कोशिशों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए संगठन के सभी सदस्यों को सजग और सक्रिय रहने का आह्वान किया गया। वाल्मीकिनगर क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटा हुआ है, ऐसे में यहां किसी भी प्रकार की असामाजिक या संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने सदस्यों से अपील की कि वे अपने-अपने गांवों में लोगों को जागरूक करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित प्रशासन तक पहुंचाएं। बैठक में सीमावर्ती गांवों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया गया। युवाओं को खेलकूद और सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करने के लिए योजना बनाई गई। इस दिशा में सीमा जागरण मंच के राष्ट्रीय नेतृत्व से संपर्क कर खेल सामग्री उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को बेहतर अवसर मिल सके।
वहीं, बैठक के दौरान सामाजिक सेवा से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। गोविंद कुमार यादव ने जानकारी दी कि आगामी 22 मार्च को वाल्मीकिनगर में एक और बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाने की योजना पर विस्तार से चर्चा होगी, जिससे सीमाई क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके। बैठक में मौजूद सदस्यों ने एकजुट होकर क्षेत्र के विकास, सामाजिक सौहार्द और सुरक्षा को मजबूत करने का संकल्प लिया। सभी ने इस बात पर सहमति जताई कि सामूहिक प्रयासों से ही सीमावर्ती क्षेत्रों को सुरक्षित और समृद्ध बनाया जा सकता है। कुल मिलाकर, हरैयाकोट में आयोजित यह बैठक न केवल सामाजिक और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर केंद्रित रही, बल्कि विकास और जनकल्याण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।

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