

वीटीआर में प्रकृति का बड़ा हस्तक्षेप, सफारी पर अस्थायी रोक
जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर: वाल्मीकिनगर स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के जंगलों में पिछले कई दिनों से जारी आगजनी की घटनाओं पर आखिरकार राहत मिलती नजर आ रही है। शुक्रवार को हुई बेमौसम झमाझम बारिश ने धधकते जंगलों को ठंडक पहुंचाते हुए आग की रफ्तार पर प्रभावी ब्रेक लगा दिया है। इस प्राकृतिक राहत से वन विभाग और वन्यजीवों दोनों ने चैन की सांस ली है। हालांकि, मौसम के अचानक बिगड़े मिजाज का असर पर्यटन गतिविधियों पर भी पड़ा। शुक्रवार दोपहर के बाद सुरक्षा कारणों से जंगल सफारी पर अस्थायी रोक लगा दी गई। उस समय जंगल के अंदर मौजूद सभी पर्यटक सुरक्षित रूप से वापस लौट आए हैं। जिससे किसी तरह की अनहोनी नहीं हुई।

बीते दिनों वीटीआर के विभिन्न रेंजों में बढ़ते तापमान और सूखी पत्तियों के कारण आग तेजी से फैल रही थी। कई हिस्से इसकी चपेट में आ गए थे, जिससे वन संपदा और जैव विविधता पर खतरा मंडरा रहा था। वन विभाग की टीमें लगातार आग बुझाने और उसे फैलने से रोकने में जुटी हुई थीं, लेकिन भीषण गर्मी और सूखे हालात बड़ी चुनौती बने हुए थे।
इसी बीच हुई बारिश ने हालात को पूरी तरह बदल दिया। बारिश की बूंदों ने न केवल सुलगती आग को शांत किया, बल्कि सूखे पत्तों और घास में नमी बढ़ाकर आग लगने की संभावनाओं को भी फिलहाल कम कर दिया है। यह प्राकृतिक हस्तक्षेप वनाग्नि नियंत्रण में बेहद कारगर साबित हुआ है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं है। लगातार बढ़ती आग की घटनाओं के बीच विभाग के कर्मचारी दिन-रात मेहनत कर रहे थे। कई जगहों पर फायर लाइन बनाई गई, सूखी झाड़ियों की सफाई की गई और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पाने की कोशिशें जारी थीं। ऐसे में बारिश ने इन सभी प्रयासों को मजबूती दी है।

हालांकि, विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि खतरा पूरी तरह टला नहीं है। गर्मी का मौसम अभी बाकी है और जैसे ही नमी कम होगी, सूखी घास और पत्तियां फिर से आग का कारण बन सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए वन कर्मियों को अलर्ट मोड में रखा गया है और जंगलों की लगातार निगरानी की जा रही है। वन विभाग ने आम लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे जंगलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें। छोटी सी चिंगारी भी बड़े हादसे का रूप ले सकती है। अगर कहीं आग लगने की आशंका हो या कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।

बारिश के बाद अब जंगलों में हरियाली लौटने की उम्मीद बढ़ गई है, जिससे वन्यजीवों को भी राहत मिलेगी। आग से प्रभावित क्षेत्रों में धीरे-धीरे जीवन सामान्य होने की संभावना जताई जा रही है। कुल मिलाकर, बेमौसम बारिश ने वीटीआर को बड़ी तबाही से बचा लिया है, लेकिन आने वाले दिनों में सतर्कता, तकनीकी निगरानी और जनसहभागिता ही इस अमूल्य वन क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित कर पाएगी।










