जंगल सुरक्षित तो जीवन सुरक्षित।

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वीटीआर में फायर सीजन से पहले वन विभाग द्वारा बैठक कर ग्रामीणों को किया जा रहा जागरूक,

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर:- गर्मी के मौसम में जंगलों में आग की संभावित घटनाओं को देखते हुए वाल्मीकि टाइगर रिजर्व प्रशासन ने व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। फायर सीजन के आगमन से पूर्व वन विभाग ग्रामीणों को सतर्क और जिम्मेदार बनाने के लिए लगातार बैठकें और संगोष्ठियां आयोजित कर रहा है। वाल्मीकिनगर रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि गर्मियों में सूखी पत्तियां और तेज हवाएं आग की घटनाओं को बढ़ावा देती हैं। ऐसे में छोटी सी चिंगारी भी विकराल रूप ले सकती है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि वन क्षेत्र में आग की छोटी से छोटी घटना की सूचना तुरंत वन विभाग को दें, ताकि समय रहते उसे नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि वन अग्नि से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसी क्रम में वाल्मीकिनगर वन प्रक्षेत्र अंतर्गत भेड़िहारी वन परिसर के थारू टोला, धंगड़हिया और कर्माहवा टोला गांवों में आमसभा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में ग्रामीणों को जंगल में आग लगने के कारणों, उसके दुष्परिणामों तथा बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। वन अधिकारियों ने बताया कि कई बार लोग निजी लाभ के लिए आग लगा देते हैं, जो बाद में नियंत्रण से बाहर हो जाती है और वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बन जाती है। बैठक में जंगल की सुरक्षा के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण पर भी विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि आग लगने से न केवल पेड़-पौधों को नुकसान होता है, बल्कि बाघ, हिरण, जंगली सूअर सहित अनेक वन्य जीवों का जीवन भी खतरे में पड़ जाता है। इसलिए जंगल की सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस दौरान गांव के गुमास्ता, वार्ड सदस्य, वनपाल, वनरक्षी, वनकर्मी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने भी वन विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए आग की घटनाओं की सूचना तत्काल देने और जंगल की सुरक्षा में सहयोग का भरोसा दिया। वन विभाग द्वारा विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा रही है। साथ ही फायर लाइन की सफाई, उपकरणों की उपलब्धता और त्वरित प्रतिक्रिया दल को भी सक्रिय रखा गया है। रेंजर सत्यम कुमार ने कहा कि यदि ग्रामीण और विभाग मिलकर प्रयास करें, तो जंगल में आग की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। फायर सीजन की शुरुआत से पहले चलाया जा रहा यह अभियान न केवल वन संपदा की रक्षा करेगा, बल्कि क्षेत्र के पर्यावरण संतुलन और वन जीवन की सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

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