बेफिक्र हो मनाइए नव वर्ष, पुलिस आपके साथ।

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वीटीआर में नए साल पर पर्यटकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन अलर्ट

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर:- वाल्मीकिनगर पुलिस ने नशेड़ियों व असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। 31 दिसंबर से पहले ही अमली जामा पहना दिया गया है। इस बाबत वाल्मीकि नगर थानाध्यक्ष मुकेश चंद्र कुमर ने बताया कि नशे की हालत में गाड़ी चलाते या हुड़दंग करते मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी वीटीआर में नए साल पर पर्यटकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन अलर्ट है।हुड़दंग और अवैध प्रवेश रोकने के लिए गश्त बढ़ा दी गई है। एंट्री प्वाइंट्स पर जवानों को लगाया गया है।

पर्यटन सत्र के दौरान हजारों की संख्या में सैलानी टाइगर रिजर्व की सैर करते हैं। नववर्ष के दौरान तो सफारी से लेकर सभी स्पॉट्स हाउसफुल रहते हैं। वीटीआर शिवालिक पर्वतमाला की तलहटी और गंडक नदी के किनारे बसा एक खूबसूरत अभयारण्य है। ऐसे में प्राकृतिक नजारे और आबोहवा के लिहाज से यह क्षेत्र काफी अधिक धनी है। यही कारण है कि वीटीआर के जंगल हमेशा से ही एक से बढ़कर एक दुर्लभ वन्यजीवों के वासस्थल रहा है। ऐसे में वन्यजीवों के दीदार और प्रकृति के नजारों के लिहाज से वाल्मीकि टाइगर रिजर्व काफी मुफीद है। नववर्ष पर पर्यटकों की स्वागत के लिए वाल्मीकिनगर तैयार है। नए साल के जश्न में शामिल होने के लिए सैलानी वाल्मीकि नगर पहुंचने लगे हैं। पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए वीटीआर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वाल्मीकि नगर रेंजर की माने तो इस बार जंगल के अंदर निजी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। यदि कोई व्यक्ति इसका उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसे आर्थिक दंड के साथ 3 साल तक की सजा हो सकती है। नए साल के दिन दोपहिया और चारपहिया किसी भी निजी वाहन को जंगल क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं है। जंगल में बसे प्राचीन मंदिर हों या कोई अन्य पर्यटन स्थल, पर्यटकों को उनके दीदार के लिए पैदल ही जाना होगा।

गश्त में जुटे वन कर्मी

नए साल के अवसर पर वन विभाग के सभी कर्मियों की छुट्टियां रद कर दी गई हैं। वन्यजीवों और वन संपदा की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए वन कर्मी 24 घंटे ग़श्त कर रहे हैं। वन्य जीवों के शिकार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए वाल्मीकि नगर में 15 अतिरिक्त वनकर्मियों की अस्थाई नियुक्ति की गई है। हर एक चेक पोस्टों पर कर्मियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। खासकर नेपाल और उत्तर प्रदेश से सटे वन क्षेत्रों से गुजरने वाले सभी रास्तों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। ताकि कोई भी व्यक्ति या वाहन जंगल में अनधिकृत प्रवेश न कर सके। वन अधिकारियों ने नागरिकों से विशेष अपील की है कि वे नए साल के जश्न के नाम पर जंगल में प्रवेश न करें। जंगल में पार्टियां करना, पिकनिक मनाना या किसी भी प्रकार की गतिविधि जो तत्वों और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती है, पूरी तरह से प्रतिबंधित है। नागरिकों से कहा गया है कि यदि उन्हें किसी प्रकार की अवैध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें। वन अधिकारियों का कहना है कि निजी वाहनों की तेज रफ्तार और हॉर्न की आवाज से जानवरों के व्यवहार पर नकारात्मक असर पड़ता है। जिससे उनके प्राकृतिक रहवास में भी व्यवधान होता है। वाहनों के शोर की वजह से वन जीवों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है, जिससे वो तनाव ग्रस्त होते हैं और इसका असर उनकी प्रजनन क्षमता पर भी पड़ता है। हालांकि वीटीआर में सिंगल यूज पालीथिन और प्लास्टिक बोतलें पहले से प्रतिबंधित है। पर्यटक जंगल में खाने-पीने का सामान नहीं ले जा सकते हैं।सैलानियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। वहीं कोई अवैध रूप से जंगल में प्रवेश न करे इसको लेकर पुलिस एवं एसएसबी से भी सहयोग मांगा गया है।नववर्ष के अवसर पर वीटीआर के मध्य अवस्थित प्रसिद्ध नरदेवी मंदिर में इस वर्ष भी पर्यटको की भारी भीड़ उमड़ने के आसार हैं। हर साल 1 जनवरी को बिहार उत्तर प्रदेश एवं नेपाल के श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए आते हैं। नए साल की शुरुआत में माता के मंदिर में मत्था टेककर पूजा करने की परंपरा यहां सालों से चली आ रही है। यहां मां नरदेवी के प्रति भक्तों की गहरी आस्था है। ऐसी मान्यता है कि मन से की गई प्रार्थना पूर्ण होती है। इसी वजह से हर साल लाखो लोग इस मंदिर में माथा टेकने आते हैं और विशेष रूप से नए साल की शुरुआत में माता का दर्शन शुभ माना जाता है।

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