

कैमरों में कैद हुए दुर्लभ पल, बढ़ती बाघ साइटिंग से गुलजार हो रहा वाल्मीकि टाइगर रिजर्व, पर्यटकों में उत्साह।
जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर: बिहार के एकमात्र टाइगर रिजर्व वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) में इन दिनों वन्यजीवों की बढ़ती सक्रियता पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। जंगल सफारी पर आने वाले सैलानियों को लगातार बाघ, गौर, गैंडा और अन्य वन्यजीवों के दर्शन हो रहे हैं। यही वजह है कि वीटीआर में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
शनिवार को मोतिहारी से आए पर्यटक चंदन कुमार एंड फैमिली के लिए जंगल सफारी किसी रोमांचक फिल्म से कम नहीं रही। सफारी के दौरान उन्हें एक साथ दो दुर्लभ वन्यजीवों—बाघ और गैंडे—के दर्शन हुए, जिससे उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जानकारी के अनुसार, पर्यटकों की जिप्सी जब वीटीआर के घने जंगलों से गुजर रही थी, तभी गाइड ने सड़क के समीप एक बाघ की मौजूदगी की ओर इशारा किया। कुछ ही दूरी पर जंगल के बीचों-बीच एक विशाल बाघ शांत अंदाज में टहलता नजर आया। अचानक सामने बाघ को देखकर पर्यटक रोमांचित हो उठे। कुछ क्षणों के लिए वातावरण पूरी तरह शांत हो गया और सभी की निगाहें बाघ पर टिक गईं। इसके बाद पर्यटकों ने अपने मोबाइल और कैमरों से इस दुर्लभ दृश्य को कैद करना शुरू कर दिया। बाघ की अठखेलियां और उसकी शाही चाल कैमरों में रिकॉर्ड होती रही। बाघ दर्शन का रोमांच अभी कम भी नहीं हुआ था कि जिप्सी के कुछ आगे बढ़ते ही सड़क किनारे जंगल में एक विशालकाय गैंडा दिखाई दिया। गैंडे को देखकर पर्यटकों की खुशी दोगुनी हो गई। उन्होंने काफी देर तक वहां रुककर तस्वीरें और वीडियो बनाए।
पर्यटकों ने बताया कि प्राकृतिक वातावरण में इतने करीब से वन्यजीवों को देखना उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि वीटीआर की प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों की मौजूदगी इसे देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करती है।
संरक्षण के प्रयास ला रहे रंग
प्रकृति प्रेमी मनोज कुमार का मानना है कि वीटीआर में बढ़ती वन्यजीव संख्या प्रभावी संरक्षण उपायों का परिणाम है। बेहतर वन प्रबंधन, शिकार पर नियंत्रण, प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा तथा दलदली क्षेत्रों के संरक्षण से वन्यजीवों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। इसका सकारात्मक असर पर्यटन पर भी दिखाई दे रहा है। वाल्मीकिनगर रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि हाल के दिनों में बाघों की लगातार साइटिंग हो रही है, जिससे पर्यटकों का उत्साह बढ़ा है। उन्होंने कहा कि वन विभाग वन्यजीव संरक्षण और पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। बाघ, गौर और अन्य वन्यजीवों की बढ़ती मौजूदगी ने वीटीआर को वन्यजीव प्रेमियों के लिए और भी आकर्षक बना दिया है।










