

रामायण और बौद्ध सर्किट से जुड़ेगा वाल्मीकिनगर, पर्यटन एवं धार्मिक गतिविधियों को मिलेगा नया आयाम।
बेतिया/वाल्मीकिनगर:- वाल्मीकिनगर हवाई अड्डे के प्रस्तावित विस्तार को लेकर बुधवार को प्रशासनिक एवं वन विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने स्थल निरीक्षण कर परियोजना की संभावनाओं का आकलन किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने हवाई अड्डा परिसर और उससे सटे क्षेत्रों का गहन जायजा लेते हुए विस्तार कार्य के लिए आवश्यक भूमि, स्थानीय परिस्थितियों तथा परियोजना से जुड़े विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर विचार-विमर्श किया।
अधिकारियों ने हवाई अड्डे के वर्तमान स्वरूप, आसपास उपलब्ध भूमि तथा भविष्य की आवश्यकताओं का अध्ययन करते हुए विस्तार योजना को गति देने पर चर्चा की। बताया गया कि राज्य सरकार वाल्मीकिनगर हवाई अड्डे के विस्तार को लेकर गंभीरता से कार्य कर रही है और इसे क्षेत्र के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। प्रस्तावित विस्तार के बाद वाल्मीकिनगर को देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों से बेहतर हवाई संपर्क मिलने की संभावना है। विशेष रूप से इसे रामायण सर्किट और बौद्ध सर्किट से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों तथा शोधार्थियों को सीधे वाल्मीकिनगर पहुंचने की सुविधा मिल सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि हवाई संपर्क बेहतर होने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा। विश्व प्रसिद्ध वाल्मीकि टाइगर रिजर्व, गंडक बैराज, त्रिवेणी संगम, वाल्मीकि आश्रम तथा अन्य प्राकृतिक और धार्मिक स्थलों की लोकप्रियता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। संयुक्त निरीक्षण में अपर समाहर्ता (एडीएम) राजीव रंजन सिंह, वरीय उपसमाहर्ता अली अहमद, अंचलाधिकारी वसीम अकरम, राजस्व अधिकारी रवि प्रकाश चौधरी, भू-अर्जन पदाधिकारी राकेश कुमार, वन क्षेत्र पदाधिकारी (रेंजर) सत्यम कुमार तथा ठाढ़ी एसएसबी सीमा चौकी के सब इंस्पेक्टर भगवान सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। स्थानीय लोगों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भी हवाई अड्डे के विस्तार की पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि परियोजना के साकार होने पर वाल्मीकिनगर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से उभरेगा। प्रशासनिक स्तर पर चल रही तैयारियों से यह संकेत मिल रहा है कि आने वाले समय में वाल्मीकिनगर के विकास को नई गति मिल सकती है।










