मशरूम, मधुमक्खी और बकरी पालन से आत्मनिर्भर बनेंगी महिलाएं, किसान चौपाल में आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण।

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मिट्टी जांच के आधार पर खरीफ फसलों की खेती पर दिया गया जोर

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर:- ग्रामीण महिलाओं, युवाओं और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से रविवार को वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र में किसान चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मिट्टी जांच के आधार पर खरीफ फसलों की वैज्ञानिक खेती, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन और बकरी पालन जैसे आय वर्धक कृषि व्यवसायों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। चौपाल में करीब 50 पुरुष एवं महिला किसानों ने भाग लेकर आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। कृषि विशेषज्ञ एवं सहायक तकनीकी प्रबंधक श्रीकांत आनंद ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बदलते समय में पारंपरिक खेती के साथ-साथ वैकल्पिक कृषि व्यवसायों को अपनाना आवश्यक हो गया है। उन्होंने मिट्टी की जांच के आधार पर फसल चयन और संतुलित उर्वरक उपयोग पर बल देते हुए बताया कि वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर किसान कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर आय अर्जित कर सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान मशरूम की खेती को महिलाओं और छोटे किसानों के लिए लाभकारी व्यवसाय बताया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि कम जगह और कम पूंजी में शुरू होने वाला यह व्यवसाय ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सरकार भी मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता प्रदान कर रही है। किसान सलाहकार रविंद्र कुमार कुशवाहा ने मधुमक्खी पालन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल शहद उत्पादन का साधन नहीं है, बल्कि फसलों में परागण बढ़ाकर कृषि उत्पादन में भी वृद्धि करता है। उन्होंने बताया कि शहद और मोम जैसे उत्पादों की बाजार में अच्छी मांग है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिलता है। बकरी पालन पर चर्चा करते हुए विशेषज्ञों ने इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों वाले किसान भी कम निवेश में बकरी पालन शुरू कर सकते हैं। ब्लैक बंगाल और जमुनापारी जैसी उन्नत नस्लों की जानकारी देते हुए बताया गया कि बकरी का दूध पौष्टिक एवं स्वास्थ्यवर्धक होता है तथा इससे नियमित आय प्राप्त की जा सकती है। चौपाल में खरीफ फसलों की उन्नत खेती, गुणवत्तापूर्ण बीजों के चयन, जैविक खेती और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का आयोजन लक्ष्मीपुर रमपुरवा पंचायत के वार्ड संख्या-4 के वार्ड सदस्य रणवीर कुमार शर्मा के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर वरीय किसान पारस कुशवाहा, रामदयाल साह, मुन्ना कुशवाहा, समीर खान, देवेंद्र पाल, नागेंद्र पाल सहित बड़ी संख्या में महिला किसान उपस्थित रहीं।
विशेषज्ञों ने कहा कि कृषि के साथ मशरूम, मधुमक्खी और बकरी पालन को अपनाकर किसान आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित कर सकते हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिलेगी।

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