

गोल चौक से जंगल कैंप जाने वाली सड़क जर्जर, जलजमाव और दुर्गंध से स्थानीय लोग व पर्यटक परेशान, प्रशासन ने कार्रवाई का दिया आश्वासन।
जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर:-पर्यटन नगरी और बिहार के एकमात्र टाइगर रिजर्व क्षेत्र वाल्मीकिनगर का हृदय स्थल माने जाने वाला गोल चौक इन दिनों गंदगी, जलजमाव और अव्यवस्था की मार झेल रहा है। महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा के आसपास गंदे नाले का पानी जमा रहने तथा प्रतिमा के सामने मछली बाजार लगने से स्थानीय लोगों और पर्यटकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि यह स्थिति न केवल क्षेत्र की सुंदरता को प्रभावित कर रही है, बल्कि स्वास्थ्य और धार्मिक आस्था दोनों के लिए चिंता का विषय बन गई है। गोल चौक वह प्रमुख स्थल है जहां चारों दिशाओं से घूमने आने वाले पर्यटक पहुंचते हैं। इसी स्थान पर महर्षि वाल्मीकि की भव्य प्रतिमा स्थापित है। प्रतिमा से जंगल कैंप की ओर जाने वाले सभी मार्ग जर्जर होकर गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं। सड़क पर जगह-जगह जलजमाव होने से दुर्गंध फैल रही है, जिससे दुकानदारों, राहगीरों और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि अधिकांश पर्यटक अब गोल चौक मार्ग की बजाय गंडक बराज होकर जंगल कैंप पहुंचना अधिक उचित समझते हैं।

स्थानीय दुकानदार अमित सिन्हा, मुन्ना कुशवाहा, दीपक कुमार, चंदू सरकार, कार्तिक घोष एवं डॉ. आर.के. सिंह ने बताया कि उमस भरे मौसम में गंदे पानी और कीचड़ से संक्रामक रोग फैलने की आशंका बढ़ गई है। उनका कहना है कि लंबे समय से समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। गौरतलब है कि इन सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी जल संसाधन विभाग की है। जल संसाधन विभाग के द्वारा सड़क मरम्मत एवं जीर्णोद्धार के लिए लगभग छह करोड़ रुपये की योजना का प्रस्ताव भेजा गया है। बावजूद इसके अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। स्थिति को और गंभीर बनाती है महर्षि वाल्मीकि प्रतिमा के ठीक सामने लगने वाली मछली बाजार। वर्ष 2025 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा वाल्मीकि महोत्सव के दौरान अनावृत की गई इस प्रतिमा के आसपास कुछ समय तक साफ-सफाई रही, लेकिन बाद में यहां मछली बिक्री शुरू हो गई। स्थानीय लोगों का मानना है कि धार्मिक महत्व वाले स्थल के समक्ष इस प्रकार का बाजार लगना अनुचित है।
इस संबंध में अंचलाधिकारी मोहम्मद वसीम अकरम ने कहा कि मामले का जल्द निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वाल्मीकिनगर थानाध्यक्ष से भी इस विषय पर चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी तथा मछली बाजार को वैकल्पिक स्थान पर स्थानांतरित करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।










