

विश्व पर्यावरण दिवस से पहले वीटीआर में जागरूकता की अलख, पर्यटक स्थलों और वन क्षेत्रों में व्यापक सफाई अभियान।
वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए लोगों से सहयोग की अपील।
जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर: विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को लेकर वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के टाइगर रिजर्व वन प्रमंडल-2 अंतर्गत वाल्मीकिनगर रेंज में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। वन विभाग द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा वन क्षेत्रों को स्वच्छ और सुरक्षित बनाना है। अभियान के तहत वन कर्मियों ने जटाशंकर चेक नाका, जटाशंकर मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाया। इस दौरान वन क्षेत्रों, पर्यटक स्थलों और विभागीय परिसरों में फैले प्लास्टिक कचरे, पॉलीथीन और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को एकत्रित कर उनका उचित निस्तारण किया गया। साथ ही पर्यटकों और स्थानीय लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से बचने का संदेश दिया गया। वाल्मीकिनगर रेंज के रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि प्लास्टिक प्रदूषण आज पर्यावरण के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। इसका प्रभाव केवल जंगलों और नदियों तक सीमित नहीं है, बल्कि वन्यजीवों के जीवन और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र पर भी गंभीर रूप से पड़ता है। उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस को सार्थक बनाने के लिए विभाग विभिन्न स्थानों पर लगातार सफाई और जागरूकता अभियान चला रहा है।

उन्होंने बताया कि पर्यटक स्थलों पर आने वाले लोगों को विशेष रूप से यह समझाया जा रहा है कि वे प्लास्टिक और अन्य कचरे को इधर-उधर न फेंकें। जंगलों और नदी किनारे छोड़ा गया प्लास्टिक वन्यजीवों के लिए घातक साबित हो सकता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दे। अभियान के दौरान वन विभाग की टीम ने लोगों को कचरा निर्धारित स्थानों पर डालने, प्लास्टिक के स्थान पर पर्यावरण अनुकूल वस्तुओं का उपयोग करने तथा स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। विभाग का मानना है कि जनभागीदारी के बिना पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को हासिल नहीं किया जा सकता। वन अधिकारियों के अनुसार यह अभियान विश्व पर्यावरण दिवस तक विभिन्न क्षेत्रों में लगातार जारी रहेगा। विभाग को उम्मीद है कि इस पहल से लोगों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत होगी और स्वच्छ, हरित तथा प्रदूषण मुक्त वाल्मीकिनगर के निर्माण में मदद मिलेगी।










