वाल्मीकिनगर के राजकीय मध्य विद्यालय में बाल संसद का गठन।

0
37

Spread the love

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर:- वाल्मीकिनगर स्थित राजकीय मध्य विद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत एक प्रेरणादायक और नवाचारी पहल के साथ हुई, जब विद्यालय परिसर में आयोजित विशेष आमसभा के दौरान बाल संसद का सफलतापूर्वक गठन किया गया। इस आयोजन ने छात्रों के बीच उत्साह, जागरूकता और सहभागिता का माहौल तैयार कर दिया। बाल संसद गठन का उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, जिम्मेदारी की भावना और लोकतांत्रिक मूल्यों का विकास करना है। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए चुनाव प्रक्रिया को व्यवहारिक रूप से समझा। छात्रों ने स्वयं उम्मीदवारों का प्रस्ताव रखा, उनका समर्थन किया और फिर लोकतांत्रिक तरीके से विभिन्न पदों के लिए चयन किया गया। इस पूरी प्रक्रिया ने बच्चों को न केवल मतदान की महत्ता सिखाई, बल्कि टीमवर्क और निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित की। चुनाव के परिणामस्वरूप अंश कुमार को बाल संसद का प्रधानमंत्री चुना गया, जबकि कक्षा पंचम की आमना खातून को उपप्रधानमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई। शिक्षा मंत्री के रूप में हामिद अली तथा उपशिक्षा मंत्री (मीना मंत्री) के पद पर मानसी कुमारी का चयन हुआ। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य एवं स्वच्छता मंत्री, खेल एवं सांस्कृतिक मंत्री, जल एवं कृषि मंत्री और पुस्तकालय एवं विज्ञान मंत्री जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर भी छात्रों को जिम्मेदारियां दी गईं, जिससे विद्यालय संचालन में उनकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित हो सके। कार्यक्रम के दौरान नोडल शिक्षक भैरोलाल पासवान ने बाल संसद की संरचना, कार्यप्रणाली और उसकी उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बाल संसद बच्चों को अपनी आवाज उठाने का मंच प्रदान करती है और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करती है।
सभा की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाध्यापक मनोज कुमार ने छात्रों को विभिन्न मंत्रालयों की जिम्मेदारियों से अवगत कराया और उन्हें अपने कर्तव्यों का ईमानदारी व निष्ठा के साथ पालन करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल से विद्यालय में अनुशासन, सहयोग और नेतृत्व का वातावरण मजबूत होगा। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक विनोद चंद्र, मधुबाला कुमारी, गीता कुमारी और संजू देवी भी उपस्थित रहे और उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। बाल संसद का यह गठन विद्यालय में लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम माना जा रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here