

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर:- वन्यजीव प्रेमियों के लिए इन दिनों वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। इस सुहावने मौसम में यहां पर्यटकों की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ रही है। जंगल सफारी के दौरान सैलानियों को न केवल हरियाली और शांत वातावरण का आनंद मिल रहा है, बल्कि जंगली जानवरों के करीब से दीदार का रोमांच भी भरपूर मिल रहा है। इसी बीच वीटीआर के वाल्मीकिनगर जंगल सफारी रूट पर पर्यटकों को एक ऐसा दुर्लभ और मनोरंजक नजारा देखने को मिला, जिसने उनके पूरे सफर को यादगार बना दिया। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से आए पर्यटकों के एक समूह ने सफारी के दौरान एक स्लॉथ बियर (भालू) को बेहद करीब से देखा। भालू का विशाल आकार और उसकी अचानक मौजूदगी देखकर कुछ पल के लिए पर्यटक घबरा गए, लेकिन साथ मौजूद नेचर गाइड ने उन्हें शांत रहने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी।

घटना का सबसे दिलचस्प पहलू तब सामने आया, जब भालू ने पर्यटकों को देखते ही खुद को झाड़ियों के पीछे छिपा लिया। इसके बाद वह किसी शरारती बच्चे की तरह बार-बार झाड़ियों के पीछे से सिर निकालकर पर्यटकों को देखने लगा। भालू का यह लुका-छिपी वाला अंदाज देखकर वहां मौजूद सभी लोग ठहाके लगाने लगे। कई पर्यटकों ने इस अद्भुत पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया। पर्यटकों ने बताया कि उन्होंने पहले कभी किसी जंगली जानवर को इतनी नजदीकी से नहीं देखा था, वह भी इतने दिलचस्प व्यवहार के साथ। यह अनुभव उनके लिए रोमांच और खुशी से भरा रहा। उन्होंने कहा कि इस तरह का दृश्य देखना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा था। वीटीआर को वन्य जीवों का समृद्ध आवास माना जाता है, जहां बाघ, भालू, तेंदुआ, हिरण समेत कई दुर्लभ प्रजातियां पाई जाती हैं। इस मौसम में जानवरों की सक्रियता बढ़ जाती है, जिससे उनके दिखने की संभावना भी अधिक रहती है। वाल्मीकिनगर रेंज के रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि पर्यटकों को हमेशा सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए और जंगली जीवों से उचित दूरी बनाए रखनी चाहिए। साथ ही, किसी भी परिस्थिति में जानवरों को छेड़ने या परेशान करने से बचना जरूरी है। भालू का यह अनोखा लुका-छिपी का खेल न केवल पर्यटकों के लिए मनोरंजन का जरिया बना, बल्कि उनके सफारी अनुभव को एक अविस्मरणीय याद में बदल दिया।










