

सुधीर कुमार सिंह जिला रिपोर्टर बांका।
बिहार/बांका। फुल्लीडुमर (बांका) प्रखंड के लगभग सभी 11 पंचायत में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत ग्रामीण विकास विभाग बिहार सरकार के आदेश के आलोक में प्रत्येक पंचायत में महादलित , दलित , आदिवासी टोला के अलावे कई जगह सार्वजनिक स्थलों पर 300000 के लागत से सार्वजनिक शौचालय का निर्माण मुखिया एवं पंचायत सचिव के द्वारा करवाया गया। मुखिया पंचायत सचिव एवं संबंधित प्रखंड के पदाधिकारी के द्वारा उद्घाटन करते हुए संबंधित वार्ड के ग्रामीणों को रखरखाव को लेकर चाबी भी समर्पित की गई परंतु बनने के बाद से आज तक उसके रखरखाव की खबर ना ही पंचायत प्रतिनिधियों ने ली ना ही पंचायत सचिव ने और ना ही प्रखंड के आला अधिकारियों के द्वारा इसकी सुधि ली गई। जानकारी हो की प्रखंड फुल्लीडुमर अंतर्गत ग्राम पंचायत खेसर के वार्ड संख्या 10 में बजरंगबली चौक कन्या उच्च विद्यालय खेसर के पास सार्वजनिक शौचालय आज अतिक्रमण का शिकार होते हुए गंदगी के देर में तब्दील हो गया है वहीं वार्ड संख्या 18 महादलित टोला बजरतार काली स्थान के पास बने सार्वजनिक शौचालय खंडहर में तब्दील हो गया वही फुल्लीडुमर पंचायत माता थान दुर्गा मंदिर के पास उत्तरी कोझी पंचायत राजवाड़ा महादलित टोला के पास कैथा पंचायत के राम चंडा महादलित टोला के पास। ग्राम पंचायत सादपुर मे कुर्थिया बारी आदिवासी टोला में ग्राम पंचायत तेलिया पहाड़ सोभनी पोखर महादल्ली टोला के पास।

इसके साथ ही अन्य पंचायत में भी शौचालय का निर्माण कराए जाने पर पानी के अभाव एवं रखरखाव सफाई के अभाव में कचरे का ढेर बनकर खड़ा है इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बावजूद भी शौचालय का सदुपयोग नहीं हो पाना यह कहीं ना कहीं संबंधित विभाग के पदाधिकारी एवं पंचायत के प्रतिनिधियों पर एक प्रश्न चिन्ह खड़ा होता है। इस संबंध में कई बार ग्रामीणो के द्वारा एवं समाचार पत्र के माध्यम से प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारी का ध्यान आकृष्ट करने का प्रयास किया लेकिन इसके बावजूद भी ना प्रतिनिधियों और ना ही संबंधित प्रखंड से विभाग के पदाधिकारी भी ईश ओर अपना ध्यान आकृष्ट किया इस संबंध में जब वर्तमान प्रखंड विकास पदाधिकारी अमित प्रताप सिंह से इस संबंध में जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि इस तरह की जानकारी मुझे आज तक किसी ने प्राप्त नहीं कराया है। आपके द्वारा यह जानकारी मिल रही है। समाचार पत्रों में खबर छपने पर जिले के बड़े पदाधिकारी के संज्ञान में आने पर निश्चित तौर पर पंचायत संबंधित पंचायत सचिव से निरीक्षण करवा कर जांच प्रतिवेदन के आधार पर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।










