

प्रगास इकोलॉजिकल ग्रीनवे फाउंडेशन ने पौधारोपण के साथ सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ छेड़ा जागरूकता अभियान
जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर: बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर वाल्मीकिनगर में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। प्रगास इकोलॉजिकल ग्रीनवे फाउंडेशन द्वारा आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास कराया गया। स्थानीय कन्वेंशन सेंटर परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर ब्लडिंग हार्ट वाइन, विगोनिया, विनेस्टा सहित कई सजावटी और औषधीय पौधे लगाए गए। संस्था ने बीते वर्षों में भी सैकड़ों पौधों का रोपण कर क्षेत्र को हराभरा बनाने का सराहनीय प्रयास किया है। इनमें कामिनी, हरसिंगार, आंवला, बेल, बरगद, कनेर, गूलर, जामुन, कृष्ण कमल और मधुमालती जैसे पौधे शामिल हैं, जो न केवल पर्यावरण को शुद्ध करते हैं बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य में भी वृद्धि करते हैं। कार्यक्रम के दौरान “अप्प दीपो भव:” का संदेश देते हुए लोगों को आत्मनिर्भरता और जागरूकता की प्रेरणा दी गई। उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलिथीन का उपयोग नहीं करेंगे तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

फाउंडेशन द्वारा भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर पौधारोपण के साथ-साथ कपड़े के थैले का वितरण कर लोगों को प्लास्टिक के विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रकृति प्रेमी मनोज कुमार ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या किसी एक संस्था का कार्य नहीं है, बल्कि इसमें हर व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक आम जनता इस अभियान से नहीं जुड़ेगी, तब तक प्लास्टिक मुक्त समाज का सपना साकार नहीं हो पाएगा। उन्होंने लोगों को दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव अपनाने की सलाह दी, जैसे बाजार जाते समय कपड़े का थैला साथ रखना और प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह से बंद करना। साथ ही, अधिक से अधिक पौधारोपण कर ग्लोबल वार्मिंग जैसी गंभीर समस्या से निपटने में सहयोग करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और इस तरह के जनजागरूकता अभियानों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। मौके पर राहुल श्रीवास्तव, रोहित श्रीवास्तव, विनय कुमार, आकाश कुमार, आयुष रंजन सहित वाल्मीकि सभागार के कर्मी मौजूद रहे।










