तीज व्रतियों ने सुहाग की रक्षा के लिए किया निर्जला तीज का व्रत।

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बेतिया/बगहा। प0 चम्पारण जिला अंतर्गत बगहा अनुमंडल के इंगलिसिया पंचायत के बरवां जमादार टोला गांव में सुहागिनों ने अपने अपने पति की लंबी आयु के लिए हरितालिका नामक व्रत पूरे श्रद्धा भाव से किया। जानकारी देते हुए पंडित मिथिलेश उपाध्याय ने बताया कि इस पर्व की शुरुआत एक दिन पहले नहा खाकर अगले दिन हरितालिका (तीज) का व्रत विधि विधान के साथ किया जाता हैं। इस पर्व में सुहागिन महिलाएं निर्जला रहकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर अपने सुहाग की लंबी आयु के लिए प्रार्थना करती हैं। उन्होंने बताया कि कथा में मां पार्वती एक बार भगवान शिव से पूछी की हे प्रभु किस कारण से आप हमे प्राप्त हुए● ऐसी कौन सी वर्त की प्रभाव से मैं अपना वरण कर सकी● भगवान शिव ने कहा की हे शिवे जब आप हमे प्राप्त करने के लिए तप कर रही थी उसी समय नारद जी आपके पिता महराज हिमांचल के पास भगवान विष्णु के प्रस्ताव लेकर पहुंचे। महराज हिमवान ने तुरंत हामी भर दी। जब आप को इस बात की सूचना मिली तो आप घन घोर बियावान जंगल में हमे प्राप्त करने के उद्देश्य से तप करने चली गई। कठोर तप करने के फल स्वरूप हमे वहां आना पड़ा। अब जिस दिन को हम आकर आपको वर दिए वह भाद्रपद शुक्ल पक्ष के तृतीया तिथि थी। आज के तिथि पर जो सुहागिन औरते निर्जला रहकर इस पर्व को करती हैं वह कभी भी वैधव्य को प्राप्त नही होती। उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। मां पार्वती जैसा रूप पाती हैं। मरने के बाद स्वर्ग में राज करती हैं।

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