बिहार के प्रगतिशील किसान कर रहे हैं औषधीय काली हल्दी की खेती, जबरदस्त फायदे जानकर हो जाएंगे हैरान।

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बिहार। प्राकृति की गोद में बसा है जिला पश्चिमी चंपारण जहाँ पर औषधीय काली हल्दी की खेती की जा रही हैं। माना जा रहा है बिहार में इसकी खेती पहली बार किया गया हैं। काली हल्दी की खेती बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के प्रगतिशील किसान कमलेश चौबे कर रहे हैं। बिहार के प्रगतिशील किसान कमलेश चौबे चर्चा में हैं। कमलेश चौबे ने खुद ही नहीं सोचा था की बिहार के किसानों के लिए आदर्श सबित होंगें। बिहार के किसान के साथ साथ बिहार के लोग भी उन्हें पसंद करते हैं। बिहार के हर जिले में किसान कमलेश चौबे का चर्चा हैं। किसान कमलेश चौबे इसके पहले औषधीय काला प्याज, रंगीन बिरंगे धान, गेहूँ, काला टमाटर, लाल मूली, लाल भिंडी, खेती कर चुके हैं। इस बार उन्होंने काले हल्दी का खेती किये हैं। सांप के काटने और कैंसर के लिए गजब की फायदेमंद है काली हल्दी, एंथोसायनिन है इसमें कृषि वैज्ञानिक अभिक पात्रा बताते हैं कि काली हल्दी भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में उगाई जाती है। इसमें एंथोसायनिन की मात्रा प्रचुर होती है, इसलिए इसका रंग गहरा बैंगनी होता है। हालांकि इसे काली हल्दी कहा जाता है।

जहां एक तरफ एंथोसायनिन, कैंसर सेल को कम करने का कार्य करता है। अर्थात यह कैंसर रोधक होता है। तो वहीं दूसरी ओर इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। सिर्फ इतना ही नहीं काली हल्दी में एंटीफंगल, एंटी अस्थमा, एंटीऑक्सिडेंट, एनाल्जेसिक, एंटी-कॉन्वेलसेंट, एंटीबैक्टीरियल, एंटी-अल्सर जैसे खास गुण पाए जाते हैं. मणिपुर सहित कुछ अन्य राज्यों में रहने वाले जनजातियों के बीच काली हल्दी के पौधे का विशेष महत्व है. दरअसल, यहां इसके जड़ों से तैयार पेस्ट को घावों के साथ सांप तथा बिच्छू के काटने पर भी लगाया जाता है। बिहार के समाजसेवी किसान कमलेश चौबे को नई-नई फसलों की खेती का हमेशा से शौंक रहा है। किसान कमलेश चौबे आये दिन नई-नई फसलों का उत्पादन करते रहे हैं। इस बार उन्होंने नगालैंड से काला हल्दी का बीज मंगवाया और प्रयोग के तौर खेती की, जिससे उन्हें अच्छी पैदावार प्राप्त हुई. किसान कमलेश चौबे बताते हैं कि काला हल्दी बहुत कम दिनों में तैयार हो जाती है।

अब वे काली हल्दी की खेती 1 एकड़ जमीन पर करने जा रहे हैं। कमलेश चौबे की इस कदम की हर कोई सराहना कर रहा है। जिसके लिए उन्हें बिहार सरकार की तरफ से कई अवार्ड से पुरस्कृत किया जा चुका है. जिसे देख बाकी के किसान भी उनकी इस सफलता को देख खेती में कुछ नया कर दिखाने की सोच रहे हैं। बिहार के किसान कमलेश चौबे ने लाल मूली की खेती कर कमाल कर दिखाया है. जिसके लिए उन्हें सरकार की तरफ से कई पुरस्कार से नवाजा जा चुका है. जिसे देख कई किसान प्रेरित हो रहे हैं।

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